वरिष्ठ पत्रकार विजय शर्मा.चंडीगढ़।
‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख एवं खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने बठिंडा में आत्मसमर्पण की अटकलों के बीच अपनी फरारी के 12वें दिन बुधवार को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सरकार एवं पुलिस को चुनौती दी। वीडियो में काली पगड़ी और शॉल पहने अमृतपाल ने कहा कि मेरा कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। मेरी गिरफ्तारी वाहे गुरु के हाथ में है। वाहे गुरु ने मुझे गिरफ्तार करने के लिए भेजी गई पुलिस से बचाया। अगर राज्य सरकार की गिरफ्तारी करने की मंशा होती तो पुलिस मुझे घर पर आकर गिरफ्तार कर सकती थी। मैं हार मान लेता। इस कट्टरपंथी ने सिख युवकों को गिरफ्तार करने के लिए पंजाब पुलिस की आलोचना करते हुए फिर लोगों को भड़काने की कोशिश की।
पहली बार रूबरू अमृतपाल
अमृतपाल ने कहा- मैं 18 मार्च के बाद पहली बार रूबरू हो रहा हूं। बिल्कुल ठीक हूं। सरकार ने मजबूर लोगों को जेल में डाला है। हमारे साथियों को असम भेजा है। लोगों पर एनएसए लगाया है। यह जुल्म है। इसके खिलाफ आवाज उठाना हमारा कौमी हक है। उसने जहर उगलते हुए कहा- लंबे समय से कौम छोटे-मोटे मामलों पर मोर्चा लगा उलझ रही है। उसने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से बैसाखी पर सरबत खालसा बुलाने की अपील की और कहा कि इसमें देश-विदेश की सिख संगत बढ़ चढ़कर हिस्सा ले।
नया है अमृतपाल का वीडियो
अमृतपाल का वीडियो संदेश ताजा है। वीडियो में उसने एक शॉल लपेट रखी है। यह वही शॉल है जो पीपल प्रीत सिंह के हाथ में दिखी थी। खास बात यह है कि अमृतपाल के संदेश में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के 24 घंटे के अल्टीमेटम का भी जिक्र है। दरअसल, जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सोमवार को पंजाब सरकार को 24 घंटे में सभी सिख युवाओं को रिहा करने का अल्टीमेटम दिया था। इस पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने जत्थेदार को राजनीति से दूर रहने की सलाह भी दी थी।
चर्चा थी कि बठिंडा के तख्त श्री दमदमा साहिब में करेगा आत्मसमर्पण
इस वीडियो से पहले यह भी चर्चा चली कि अमृतपाल बठिंडा के तख्त श्री दमदमा साहिब में आत्मसमर्पण करने वाला है। वह श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के माध्यम से आत्मसमर्पण करेगा। एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने खुद कमान संभाल ली। जत्थेदार की कोठी तक जाने वाले हर रास्ते पर पुलिस नाकाबंदी कर दी गई लेकिन देर शाम तक जब अमृतपाल वहां नहीं पहुंचा तो पुलिस फोर्स हटनी शुरू हो गई।
होशियारपुर में दिनभर चला ऑपरेशन
होशियारपुर-फगवाड़ा मार्ग स्थित गांव मरनाइयां कलां में भी अमृतपाल सिंह और उसके साथियों की तलाश में मंगलवार रात से शुरू हुआ तलाशी अभियान बुधवार को पूरे दिन जारी रहा। इस दौरान आला पुलिस अधिकारियों की देखरेख में सैकड़ों पुलिस कर्मियों ने मरनाइयां समेत अत्तोवाल, हरखोवाल, काहरी-साहरी, राजपुर भाईयां, पंडोरी बीबी, हुक्कड़ां, माना गांवों में सघन तलाशी अभियान चलाया। एडीजीपी (कानून व्यवस्था) गुरविंदर सिंह ढिल्लों इस तलाशी अभियान की समीक्षा के लिए विशेष रूप से पहुंचे थे।

