बड़ी खबर…..क्यों है केंद्र सरकार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर मेहरबान……किस वजह से लग दी धारा 268, पढ़े, इस खास रिपोर्ट में….

वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़। 

देश का कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई , विदेश ही नहीं कई राज्यों से जेल में बंद रहने के बावजूद अपराध को अंजाम दे रहा हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने उस पर रहम जताते हुए धारा 268 के प्रावधान के तहत, किसी भी अदालत में जाने के लिए छूट प्रदान कर दी। केंद्र के इस फैसले पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के परिवार ने कड़ा ऐतराज जताया हैं। उधर, केंद्र के एक प्रवक्ता ने जानकारी दी कि यह कदम उसकी सुरक्षा को देखते हुए उस पर सीआरपीसी की धारा 268 लगाई हैं। फिलहाल लारेंस , गुजरात की अहमदाबाद की केंद्रीय जेल में बंद हैं। 

यह है पूरा प्रकरण

दरअसल, अमृतसर की अदालत ने एनडीपीएस से जुड़े केस में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को पेश करने के लिए बठिंडा जेल में समन भेजे थे। इसके बाद बठिंडा जेल अथॉरिटी ने इस समन को ईमेल के माध्यम से अहमदाबाद जेल अथॉरिटी को भेजा था। इसके बाद 6 नवंबर को अहमदाबाद जेल से अमृतसर अदालत को जवाब भेजा गया। इसमें बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से इस मामले में सीआरपीसी 268 लगा दी है। ऐसे में अगले एक साल तक लॉरेंस बिश्नोई ऑनलाइन अपनी पेशी भुगतेगा। 

यह आदेश हैं


जब किसी मामले में राज्य या केंद्र सरकार दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 268 का प्रयोग करती है, तो उसकी तीन वजह हो सकती हैं। एक तो यह है कि ऐसा व्यक्ति जेल में बंद है, जिसने कोई जघन्य अपराध किया हुआ है। उसके बाहर आने पर भीड़ उस पर आक्रमण कर सकती है। दूसरा जिस व्यक्ति के जेल से बाहर आने पर लोक शांति में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा राज्य सरकार को ऐसा प्रतीत होगा कि अगर जेल में बंद व्यक्ति न्यायालय तक पहुंचने से पहले ही अगवा कर लिया जाएगा। साधारण भाषा में कहें तो राज्य सरकार जेल में बंद ऐसे व्यक्ति को न्यायालय के समक्ष पेश होने पर रोक लगा सकती है जिसके कारण लोक शांति, लोक-व्यवस्था भंग होने की संभावना हो।

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