कई मामलों में था यह भगौड़ा……दरोगा जी…ने दबोचा इस तकनीक से….अब महकमा से लेकर अधिकारी हुए इनके काम के फैन

लेखक विनय कोछड़.अमृतसर।

शहर की पुलिस ने एक घोषित अपराधी (भगौड़ा- PROCLAIMED OFFENDER-P.O) को गिरफ्तार करने का दावा पेश किया। बताया जा रहा है कि कथित अपराधी 3 मामलों में पिछले वर्ष का भगौड़ा चल रहा था। थाना कंबोह के अधीन क्षेत्र का रहने वाले गज्जन सिंह पर पूर्व में एक नशा तथा 2 चोरी के मामलों को मिलाकर 3 मामले दर्ज है। वह नशे का आदी भी बताया जा रहा है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इसकी गिरफ्तारी देर रात अमृतसर के एक क्षेत्र से हुई। किसी प्रकार का कोई सामान बरामद होने की पुलिस ने कोई पुष्टि नहीं की। चर्चा इस बात की चल रही है कि पुलिस के पीओ विभाग की नाक में दम करने वाले इस कथित अपराधी को पकड़ने में थाना प्रभारी की तकनीक खूब प्रशंसा बटोर रही है। अब महकमे से लेकर बड़े अधिकारी उनकी तकनीक के  फैन हो चुके है। 

थाना के दरोगा हरीश शर्मा के मुताबिक, उन्हें जब विभाग से इस अपराधी की फाइल पहुंची तो तब से उन्होंने इसे पकड़ने के लिए एक विशेष नीति तैयार की गई। सबसे पूर्व उसके फोन तथा उसके करीबियों पर एक टीम ने नजर रखनी शुरू कर दी। पूर्व में कोई भी इसके बारे कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं था। उन सबकी बातों से टीम को इस बात का अंदाजा लगना शुरू हो गया कि  यह सब जानते तो है, लेकिन पुलिस के समक्ष अपना मुंह नहीं खोलना चाहते है। इसलिए, दरोगा जी ने अपनी तकनीक को अलग से इस्तेमाल किया। इस तकनीक का फायदा तब मिला जब टीम को पता चला कि वह देर रात्रि इस स्थान पर छुपा हैै। टीम ने अपने सभी काम छोड़ कर उस पर ट्रेप लगाया तथा दबोच लिया। पता चला है कि एक समय वह पुलिस को चकमा देकर फरार होने लगा था, लेकिन, पुलिस उसकी चाल को कामयाब नहीं होने दिया।

जानें, कितने मामले दर्ज है इस कथित अपराधी पर

पुलिस की जांच पड़ताल से पता चला है कि कथित अपराधी पर कुल 3 मामले दर्ज है। 2 मामले थाना कंबोह की ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े है एक मामला थाना रंजीत एवेन्यू क्षेत्र से जुड़ा है। पहला मामला वर्ष 2018 में थाना कंबोह में एनडीपीएस एक्ट की धारा के अधीन मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2020 में इसके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज हुआ था। इसी प्रकार वर्ष 2024 में थाना रंजीत एवेन्यू में भी चोरी का मामला दर्ज हुआ था। 

कब घोषित किया गया भगौड़ा

पुलिस विभाग की जांच पड़ताल में सामने आया है कि कथित अपराधी को अगस्त 2024 में भगोड़ा घोषित कर दिया था। पूर्व में स्थानीय टीम ने इसे पकड़ने के लिए कई बार जाल बिछाया, लेकिन, उसे कामयाबी हासिल नहीं हुई। इसके बाद वर्ष 2025 आरंभिक साल में मामला पीओ विभाग के पास पहुंचा। टीम ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया तथा देर रात उसे दबोच लिया।   

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