अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति को क्यों पिलाया पेशाब….कोर्ट ने किस-किस को लगाई फटकार..समझिए, इस रिपोर्ट में…..?

PUNJAB & HARYANA HIGH-COURT-SNE

वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।

अनुसूचित जाति से संबंधित एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पिस्तौल के बल पर उसे बठिंडा से कार में जबरन उठाया और गांव दौला में लाकर उसे पेशाब पिलाने की कोशिश की। उसे जातिसूचक शब्द भी बोले। इस मामले में पीड़ित ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद कोर्ट ने भी पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। 5 अगस्त को मामले की सुनवाई होगी।

सुनिए,पीड़ित की आपबीती 


पीड़ित ने बताया कि वह बठिंडा में लोन कंपनी में काम करता है। 25 जुलाई की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कुछ लोग तेजधार हथियारों के साथ उसके दफ्तर में आ गए और उसके बारे पूछने लगे। उस समय वह किसी काम से बाहर गया हुआ था। वह लोग दफ्तर के बाहर आकर खड़े हो गए। जब वह आया तो उन्होंने उसे पिस्तौल के बल पर जबरन वहां से उठा लिया और कार में बैठा कर गिद्दड़बाहा के गांव दौला में ले आए।

10 लाख की मांग की


वहां एक वाटर पूल पर उक्त लोग ने उससे 10 लाख रुपये की मांग की। जब उसने रुपये न होने की बात कही तो उक्त लोग उसे जातिसूचक शब्द बोलने लगे। यही नहीं आरोपियों ने उसे अपना पेशाब पिलाने की कोशिश की। साथ ही जान से मारने की धमकी दी। इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दी तो अभी तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई है। भीम क्रांति के संस्थापक अशोक महिंद्रा ने कहा कि एक दलित को पेशाब पिलाने की कोशिश करना जघन्य अपराध है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वह इस मामले में सोमवार को मानवाधिकार आयोग और एससी कमिशन के पास भी शिकायत लेकर जा रहे हैं।

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