वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र 26 से 29 सितंबर को बुलाया गया है, जिसमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस संबंध में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवजा देने के लिए नए कानूनों को मंजूरी देने और तबाही से जुड़े कुछ नियमों में संशोधन करने के लिए विधानसभा सत्र बुलाया गया है, ताकि लोगों के पक्ष में अहम फैसले लिए जा सके। विधानसभा सचिव ने सत्र बुलाने को लेकर नोटिस भी जारी कर दिया है। नोटिस के अनुसार 15 जुलाई को स्थगित होने वाले विधानसभा को सत्र को ही आगे बुलाया गया है।
….जानिए, सरकार क्या अहम फैसला ले सकती है..?
इससे पहले विधानसभा में भी बाढ़ प्रभावित लोगों और किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने कुछ फैसले लिए थे, उन्हें भी इस सत्र के दौरान मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। इसमें किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार रुपये मुआवजा देने का फैसला लिया था। साथ ही मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मंजूरी दी गई थी। बाढ़ से किसानों की फसल खासकर धान का काफी नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा दिया जाना है। क्षतिग्रस्त मकानों और बाढ़ में बह गए पशुओं का सर्वे के बाद मुआवजा दिया जाना है।
कर्जदारों को मिल सकती है बड़ी राहत
इसके अलावा को-ऑपरेटिव बैंकों के कर्जदार किसानों को छह माह तक कोई किश्त नहीं देने और इस दौरान ब्याज नहीं लगने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई थी। सरकारी भवन भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं। सर्वे के बाद उनकी मरम्मत के लिए भी बजट जारी किया जाना है, इसलिए इन सभी प्रस्तावों को विशेष सत्र के दौरान रखा जा सकता है।

