”आतंकवादी समूह ISIS का पूरी तरह से सफाया”

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वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़। 

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने दावा करते हुए कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की धरती से आतंकवादी समूह ISIS का पूरी तरह से सफाया हो गया है। उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद इस्लामिक अमीरात ने पूरे देश में पूर्ण नियंत्रण और सुरक्षा बहाल कर दी है। “जब अमेरिका और नाटो की मौजूदगी थी, तब विभिन्न प्रांतों में ISIS के बड़े केंद्र थे। तब भी, हमें झड़पों और संघर्षों का सामना करना पड़ा। लेकिन अफ़ग़ानिस्तान के इस्लामिक अमीरात द्वारा देश पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के बाद, एक मजबूत अभियान चलाया गया, और अब, शुक्र है कि अफ़ग़ानिस्तान की धरती का एक इंच भी हिस्सा ISIS या किसी अन्य समूह के संचालन के लिए नहीं बचा है,” मुत्ताकी ने नई दिल्ली में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए ये बात कहीं।


उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित एक संवाद में भाग ले रहे मुत्ताकी ने पाकिस्तान के साथ हालिया सीमा तनाव के बारे में भी बात की और कहा कि अफ़ग़ानिस्तान ने “मित्र खाड़ी देशों” के अनुरोध पर अपने अभियानों को रोकने से पहले पाकिस्तानी आक्रमण का जवाब देकर “अपने उद्देश्यों को प्राप्त” कर लिया था। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन के दौरान, सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात ने युद्ध रोकने का अनुरोध किया था, और हम सहमत हो गए,। आगे कहा कि उसके बाद से कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। “हमारा मानना ​​है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति ज़रूरी है। भविष्य में भी यही हमारी नीति रहेगी। हम चाहते हैं कि इस क्षेत्र के लोग शांति से रहें और समृद्ध हो,” ।


क्षेत्रीय संपर्क में सुधार के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण घोषणा में, मुत्तकी ने कहा कि अमृतसर और काबुल व कंधार के बीच सीधी उड़ानें जल्द ही शुरू होंगी, इसे व्यापार और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने वाला एक कदम बताया। इस कदम को एक “ऐतिहासिक कदम” बताते हुए, राज्यसभा सांसद और वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति तथा विदेश मामलों की सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि नए मार्ग भारत और अफगानिस्तान के बीच “एक तेज़ और अधिक सुरक्षित हवाई पुल” का निर्माण करेंगे, जिससे विशेष रूप से कृषि उत्पादों, सूखे मेवों, ताज़े फलों, हस्तशिल्प और दवाइयों से जुड़े किसानों, व्यापारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को लाभ होगा।

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