वरिष्ठ पत्रकार.अमृतसर.पंजाब।
पंजाब के अमृतसर से एक बहुत बड़ी अभी-अभी अपडेट सामने आ रही है। पता चला है कि पंजाब रोडवेज तथा पनबस के 2 दर्जन से अधिक संगठन से जुड़े नेता तथा पद्दाधिकारियों को घर से धू-धू कर अपनी हिरासत में ले लिया। ऐसे में पूरे पंजाब में आज सरकारी बसों का चक्का जाम रहने का फैसला लिया गया। संगठन राज्य सरकार के निजी परिवहन को फायदा पहुंचाने के एक फैसले के विरोध में हड़ताल कर रही हैं। फिलहाल, माहौल काफी तनावपूर्ण बताया जा रहा है। संगठन पंजाब के पड़ोसी राज्य के संगठनों से भी समर्थन भी मिल रहा है। सरकार के इस फैसले का हर संगठन का विरोध करते हुए, पकड़ लिए गए नेताओं तथा पद्दाधिकारियों की जल्द रिहाई की मांग की। चर्चा, इस बात की भी चल रही है कि अगर जल्द पुलिस ने इन्हें नहीं छोड़ा तो संघर्ष लंबा चल सकता है। ऐसे में सरकार तथा परिवहन विभाग पर खासा असर पड़ सकता हैं।
..जानिए, क्या है पूरा मामला
पता चला है कि राज्य सरकार निजी परिवहन के लिए एक नई स्कीम लागू करने जा रही है। इसे यूनियन सरकारी विभाग को नुकसान होने का दावा करती हैं। उनके मुताबिक, ऐसा होने से सरकारी खजाने को नुकसान तो होगी ही साथ में आम जनता को भी इसका नुकसान झेलना पड़ सकता हैं। यह किसी प्रकार की कोई फायदे वाली स्कीम नहीं हैं, इसे लागू कर निजी परिहवहन को फायदा पहुंचाने का सौदा होगा। वैसे भी निजी अधिकतर निजी परिवहन कंपनी किसी न किसी राजनेता के नाम से चल रही है। ऐसे में साफ साबित हो जाता है कि सरकार अपनी श्रेणी को फायदा पहुंचाने के लिए इस प्रकार की स्कीम को लागू करना चाहती है। जो कि कानून के मुताबिक, सरासर गलत हैं।

