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भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान जारी कर गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव का विरोध किया।
भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
..जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। इसलिए पाकिस्तान को उन क्षेत्रों में किसी भी तरह की राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का कोई अधिकार नहीं है। चुनाव कराने जैसी गतिविधियां वहां की जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकतीं।
24 सीटों पर मतदान
गिलगित-बाल्टिस्तान में रविवार को 10 जिलों की 24 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। यह भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा है। हालांकि, यह पाकिस्तान के कब्जे में है। इसी वजह से वहां होने वाले हर चुनाव या राजनीतिक कदम पर भारत आमतौर पर आपत्ति दर्ज कराता है।
विधानसभा में कुल 53 सीटें
गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं।
2021 में इमरान खान की पार्टी (PTI) ने 25 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी
PoK में विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है। इससे पहले 2021 में PoK विधानसभा चुनाव में इमरान खान की पार्टी (PTI) ने 45 में से 25 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी प्रधानमंत्री बने। हालांकि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। इसका असर वहां की राजनीति पर भी पड़ा।
…और एक बार फिर नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा
मई 2022 में सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद PTI ने ही सरदार तनवीर इलियास को नया प्रधानमंत्री बनाया। लेकिन अप्रैल 2023 में PoK की उच्च अदालत ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पद चला गया और एक बार फिर नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा। इसके बाद PTI के ही चौधरी अनवरुल हक प्रधानमंत्री बने। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने इमरान खान और PTI से दूरी बना ली और खुद को स्वतंत्र नेता के रूप में स्थापित किया। बाद में पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और अन्य दलों के समर्थन से उनकी सरकार चलती रही।
संघीय सरकार को सब्सिडी और आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा करनी पड़ी
इस दौरान PoK में महंगाई, बिजली दरों और आटे की कीमतों को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन भी हुए। 2024 में कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान की संघीय सरकार को सब्सिडी और आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा करनी पड़ी। 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन के बाद बने परिसीमन ढांचे के तहत जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 24 सीटें PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर चुनाव नहीं होते क्योंकि ये क्षेत्र फिलहाल पाकिस्तान के नियंत्रण में हैं। इसलिए इन्हें खाली रखा जाता है।###USA###INDIA###POK###CANADA###CHINA###VIETNAM###IRELAND###SWEDEN###GILIKAT-NEWS-POK###@

