SNE NETWORK.WORLD-DESK.
पाकिस्तान के एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने भारत के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि भारत की लंबी दूरी की मिसाइलों का विकास केवल पाकिस्तान या चीन को ध्यान में रखकर नहीं किया जा रहा, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर अपनी सैन्य और परमाणु शक्ति स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
मजहर जमील ने यह टिप्पणी
इस्लामाबाद में पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) मजहर जमील ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत के रणनीतिक बलों का विकास और अंतरमहाद्वीपीय दूरी तक मार करने वाली मिसाइल प्रणालियां केवल क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों तक सीमित नहीं हैं। उनके अनुसार, भारत की सैन्य क्षमताओं का विस्तार उसे एक वैश्विक परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम प्रतीत होता है।
कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई
मजहर जमील ने पश्चिमी देशों और सरकारों से भारत के सैन्य आधुनिकीकरण पर ध्यान देने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर इसके प्रभावों का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए। हालांकि भारत की ओर से पाकिस्तानी अधिकारी के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था
अपने संबोधन में जमील ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए तनावपूर्ण घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान पाकिस्तान ने संयम बरता था। उन्होंने दावा किया कि यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब पाकिस्तान की ओर से निर्णायक और व्यापक तरीके से दिया जाएगा।
पाकिस्तान दक्षिण एशिया में संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
कार्यक्रम में सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्ट्रेटेजिक स्टडीज (CISS) के कार्यकारी निदेशक अली सरवर नकवी ने कहा कि पाकिस्तान की परमाणु क्षमता ने दक्षिण एशिया में संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने दावा किया कि परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence) के कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर युद्ध की संभावना को रोका जा सका है।
चर्चा एक बार फिर तेज
पाकिस्तानी अधिकारियों के इन बयानों के बाद दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन, मिसाइल विकास और परमाणु क्षमताओं को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बयानों का असर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल, यह बयान पाकिस्तान की ओर से व्यक्त कि या गया दृष्टिकोण है और भारत की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।###USA###UK###CANADA###INDIA-PAK-NEWS###SWEDEN###IRELAND###VIETNAM###CHINA###GERMANY###AUSTRALIA###ISRAEL###UKRAINE###RUSSIA###INDIA###@

