विकास कौड़ा.बटाला/गुरदासपुर/चंडीगढ़।
पंजाब के वरिष्ठ भाजपा नेता इंद्र सेखरी ने हाल ही में नेपाल और उससे पूर्व बांग्लादेश में हुई हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनका मानना है कि नेपाल के प्रधानमंत्री के खिलाफ हुई हिंसा तथा नेपाली संसद भवन को उपद्रवियों द्वारा जलाना और भ्रष्टाचार में लिप्त सभी मंत्रियों के खिलाफ हुई हिंसा के पीछे युवाओं पर असहनीय दबाव का प्रमाण माना है। हैरान करने वाली बड़ी बात तो यह है कि सत्ताधारी नेताओं के बच्चों के साथ विशेष व्यवहार किया जा रहा है जबकि, आम युवाओं की पीड़ा को साफतौर पर नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बात का सबूत सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों तथा वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है। नेपाल में अशांति का प्रमुख कारण भी यहीं माना जा रहा है। वरिष्ठ नेता गुरुवार को पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे।

चारों तरफ अशांति
उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार ने पिछले समय युवाओं को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने पर प्रतिबंधित कर दिया था। यह एक प्रकार से लोकतंत्र की हत्या है। इस कारण चारों तरफ अशांति फैल गई। उपद्रवियों को मौके पर ही गोली मारने के आदेश दे दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप 23 युवा छात्रों की मौत हो गई। सड़कों पर अभी भी अशांति दिखाई दे रही है। अब प्रधानमंत्री और उनके कैबिनेट मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा है।
इसी प्रकार कुछ महीने पहले बांग्लादेश में भी ऐसा ही हुआ था। पड़ोसी देशों में ये घटनाएँ भारत के भ्रष्ट, अपराधी और अप्रभावी नेताओं के लिए चेतावनी हैं। बेरोजगारी, अनिश्चित भविष्य और महंगी शिक्षा भारतीय युवाओं की पीड़ा को और बढ़ा रही है। युवाओं को समान अवसर प्रदान करने के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना होगा। देखा जाए तो यह एक प्रकार से चेतावनी है कि हमें भी अपने पड़ोसी देशों में हो रहे विद्रोह से सीखना चाहिए। भारत को दुनिया का नंबर एक राष्ट्र बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।

