मजेदार किस्सा……’ऐसा क्या कर दिया, ‘बटाला’ के छोटे-बड़े नेता ने,…’जिससे समाज में उनकी हो रही, ‘थू-थू’……?

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EDITOR-IN-CHIEF.VINAY KOCHHAR.BATALA/CHANDIGARH.

बटाला के छोटे नेता की प्री-वैडिंग, ऊपर से ट्रैफिक के दरोगा का अहम रोल इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म में खूब सुर्खियां बटोर रहा हैं। मजेदार किस्सा यह भी है कि इसमें बड़े नेता जी का एक वायरल वीडियो, जिसमें वह अपने समर्थकों सहित पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों को गालियां (अभद्र-भाषा) का इस्तेमाल करते साफ दिखाई दे रहे हैं। खैर, इस खेल में विरोधियों के निशाने पर भी आना लाजमी बन जाता हैं। ऐसे में कांग्रेस के युवा नेता तो जनता के दरबार में साफ कह रहे हैं कि आम-जनता ने तो झाड़ू को वोट देकर बहुत बड़ी भूल कर दी हैं। अब सभी ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। नेता जी के दरबार में एक लाख रुपये का किस्से का कांग्रेस के युवा नेता ने सत्ताधारी बड़े नेता को अपने निशाने पर ले लिया हैं।

छोटे नेता जी के विवाह समारोह के दौरान एक क्षेत्र का हिस्सा तीन दिन तक के लिए बंद कर दिया गया। उसकी चर्चा तो शहर के अलावा आम-जनता के बीच भी खूब रही। बड़े नेता ने अपनी सत्ता का दुरुपयोग करते हुए बैरिकेड तक लगवा दिए। फिर क्या था आम जनता का घर से  बाहर निकलना भी मुश्किल हो गए। ऐसे में आम-जनता तो नेता जी समक्ष कुछ कर तो सकती नहीं थी। लेकिन, उनके रोष ने इस बात का संकेत दे दिया है कि अब नेता जी को आने वाले चुनाव में उनके गुस्से का बड़े स्तर पर सामना करना पड़ेगा। 

पार्टी के पंजाब दरबार में छोटे-बड़े नेता के किस्से की गूंज काफी जोर से सुनाई दे रही हैं। संकेत, इस बात के भी मिल रहे है कि पार्टी को दिल्ली दरबार से आदेश जारी कर दिया गया है कि इनकी लगाम को कसने का। ऐसे में पार्टी इस मुद्दे को चर्चा का विषय बनने का कोई जोखिम भी नहीं उठाना चाहती हैं। वर्ष 2027 में पंजाब की विधानसभा चुनाव हैं। इस बार फिर से पार्टी दूसरी बार सत्ता में आने का सपना सजा कर बैठी हैं।  लेकिन, सपना स्वीकार्य होने के लिए पार्टी को कोई बड़ा कदम उठाना भी पड़े तो वह इससे पीछे भी नहीं हटेंगी। 

इधर, भाजपा के उच्च नेता ने तो इस मुद्दे को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने के लिए भी कोई कसर नहीं छोड़ी हैं। उन्होंने तो सत्ताधारी पार्टी के दिल्ली दरबार को भी इस मुद्दे पर घेर लिया। उनके संयोजक से लेकर दिल्ली दरबार के कई बड़े नेताओं का हवाला देते हुए कहा कि ये छोटे-बड़े नेता दोनों ही उनके काफी लाडले हैं। ऊपर से मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने के लिए बोल दिया। फिलहाल, पंजाब से दिल्ली दरबार ने अपनी कोई टिप्पणी नहीं देकर, इस बात का संकेत दे दिया है कि अभी वे लोग उनके खिलाफ कुछ नहीं करना चाहते है। 

खैर, बटाला की सियासत में ये मुद्दा इतना जोर आजमाइश तरीके से भुना नहीं गया। शायद, कुछ विरोधियों की आवाज को दबा दिया गया या फिर वे लोग डरते है कि ऐसा करने से कहीं उन्हें सत्ताधारी की तरफ से कोई केस न झेलना पड़ जाए। इसलिए, ज्यादातर विरोधी नेता चुप होकर बैठें हैं।  लेकिन, एक बात तो साफ है कि इस मुद्दे को ज्यादातर उठाने वाले सभी पंजाब के अलग-अलग शहरों से ताल्लुक रखते हैं। जिनका किसी भी तरह से बटाला कि सियासत से कोई लेना देना ही नहीं हैं।  ### USA ### CANADA ###-UK### (ARTICLE-POLITICS BY SNE-NEWS)###

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