BATALA REPORT…….बेचारी मां अभी बच्चे की शक्ल भी नहीं देख पाई थी कि उसकी मौत हो गई…..परिवार का आरोप…मौत के जिम्मेदारी डाक्टर,….शव सहित धरना लगा दिया, रोड जाम….पुलिस के आश्वासन उपरांत हटाया

विकास कौड़ा.बटाला (गुरदासपुर)। 

बटाला सिविल अस्पताल में तब हंगामा खड़ा हो गया, जब एक महिला की अस्पताल में मृत्यु हो गई। परिवार का आरोप है कि अस्पताल की चिकित्सकों की लापरवाही से ही महिला की मृत्यु हुई। गुस्साए परिवार ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्थानीय गांधी चौक जाम कर दिया। पुलिस ने उच्च अधिकारियों के समझाने उपरांत भी पीड़ित परिवार नहीं माना। परिवार बटाला के समीप कालावाली गांव का रहने वाला है। मृत महिला की पहचान रुपिंदर कौर के तौर पर हुई। फिलहाल, वर्तमान परिस्थितियों के बारे स्पष्ट नहीं हो पाया। महिला की मौत का कारण प्रसव के दौरान अस्पताल थियेटर में बत्ती के गुल होना माना जा रहा हैं। 

समझिए, रिपोर्ट में परिवार का इस मामले में क्या कहना हैं

परिवार के अनुसार, रुपिंदर कौर नाम की महिला को प्रसव के लिए 1 जनवरी को कस्बा कादियां रोड के सरकारी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान अचानक ऑपरेशन थिएटर की लाइट चली गई। अस्पताल में जनरेटर का कोई प्रबंध नहीं था, जिसके बाद डॉक्टरों ने मोबाइल फोन की रोशनी में प्रसव कराया। इससे महिला को संक्रमण हो गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई। अस्पताल प्रशासन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने परिवार को महिला की बिगड़ती हालत के बारे में गलत जानकारी दी और केवल ग्लूकोज लगाकर रखा। 8 दिन तक अस्पताल में भर्ती महिला की हालत देर रात ज्यादा खराब हो गई। अमृतसर रेफऱ कर दिया गया। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। 

..शायद टल सकती थी मौत

परिजन ने डॉक्टरों की लापरवाही को मौत का कारण बताया और कहा कि यदि अस्पताल में उचित प्रबंध होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। प्रदर्शनकारियों ने बटाला के गांधी चौक में शव रखकर अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। फिलहाल, इस बात की पुष्टि हो गई है कि पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई के आश्वासन उपरांत अभी-अभी धरना को हटा लिया गया हैं। 

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