आम-जनता को बड़ा झटका—–वेरका ने पैकिंग में दही की मात्रा घटाई

एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।

दिवाली से पहले वेरका, अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दामों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके साथ ही दही में भी वेरका की ओर से पैकिंग में मात्रा घटाई गई है। इस कारण दही महंगा हो गया है। त्योहारों के सीजन में महंगाई की मार झेल रही जनता को वेरका ने एक और झटका दिया है।

2 रुपए लीटर की बढ़ोत्तरी

16 अक्टूबर, 2022 से वेरका की ओर से दूध के दामों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद एक बार फिर लोगों की रसोई का बजट हिल गया है। वेरका की तरफ से दही के दामों में बढ़ोतरी नहीं की गई है। लेकिन फिर भी दही महंगा हो गया है। इसकी वजह यह है कि 30 रुपये में पहले 380 ग्राम दही दिया जा रहा था, जो कि अब घटाकर 350 ग्राम कर दिया गया है।

ऐसे बढ़ाए दाम

ऐसे में दाम बढ़ाए बिना ही वेरका ने दही महंगा कर दिया है। वेरका की ओर से जारी किए गए एक बयान में बताया गया है कि दूध और दही के कीमतों में बढ़ोतरी का कारण दुग्ध उत्पादन के दामों में बढ़ोतरी होना है। इलाका निवासी प्रीतपाल शर्मा ने बताया कि महंगाई के कारण त्योहारों का सीजन फीका पड़ा हुआ है। ऐसे में वेरका की ओर से दूध और दही के बढ़े दामों से लोगों को झटका लगा है। दूध और दही के दामों में बढ़ोतरी त्योहारों के मौसम में दुर्भाग्यपूर्ण है।

त्योहारों से पहले ही बढ़ते हैं दूध के दाम
देश की सभी दूध कंपनियां त्योहारों से ठीक पहले ही दूध के दामों में बढ़ोतरी करती हैं। यह पिछले कई साल से देखा जा रहा है। शिवरात्रि से पहले 29 फरवरी को वेरका की ओर से दूध के दामों में दो रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसी प्रकार जन्माष्टमी से ठीक पहले 19 अगस्त को भी वेरका ने दूध के दामों में वृद्धि की थी। अब दिवाली से पहले भी इसी प्रकार लोगों को झटका लगा है।

कंपनियां उठा रहीं लोगों की मजबूरी का फायदा 
आम लोगों का मानना है कि कंपनियों की ओर से आम लोगों की मजबूरी का फायदा उठाया जाता है। त्योहारों के समय जानबूझकर दूध के दामों में वृद्धि की जाती है। क्योंकि इन दिनों आम जनता दूसरी तैयारियों में व्यस्त होती है। इस कारण इस तरफ ध्यान नहीं जाता है। 


दूध के दाम बढ़ना दुर्भाग्यपूर्ण
बलविंदर कोछड़ ने कहा कि महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए दिवाली से पहले दूध के दाम बढ़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। लोग बड़ी मुश्किल से त्योहारों के सीजन में खर्च पूरा कर रहे हैं। दूध और दही के दाम बढ़ने से लोगों की रसोई का बजट बिगड़ा है। 

100% LikesVS
0% Dislikes