वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
इंदरप्रीत सिंह पैरी हत्याकांड में एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि इसकी हत्या लारेंस गैंग ने की। हत्या की जिम्मेदारी का एक पोस्ट मंगलवार की सुबह सोशल मीडिया में खूब तेजी से प्रसारित हो रहा है। पोस्ट डालने वाले ने दावा किया कि उन्होंने ही पैरी की हत्या की। वहीं, चंडीगढ़ की सीआईए टीम ने हत्या में इस्तेमाल करने वाली कार को बरामद कर लिया। अज्ञात हत्यारों के खिलाफ देर रात मामला दर्ज कर लिया। पैरी के शव का पोस्टमार्टम कुछ समय में ही होने वाला हैं। पता चला है कि पैरी विदेश में बैठे गैंगस्टर गोलड़ी बराड़ तथा रोहित गोदारा का काफी खास था। हाल ही में लारेंस तथा बराड़ दोनों ही अलग-अलग हो चुके हैं। तथा अवसर पाने पर एक दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया में पोस्ट डालते रहते हैं।

प्राथमिक जांच पड़ताल में सामने आया है कि हत्या को अंजाम देने वालों की कुल संख्या 3 बताई जा रही है। धोखे से पैरी को बाहर बुलाया गया। वहां पर किसी मामले में उसके साथ बातचीत करनी थी। पैरी किया कार में सवार था, जबकि, हमलावर 2 पंजाब नंबर की क्रेटा कार में सवार होकर आए थे।

कार को पैरी की कार के समक्ष लगाया। उसके उपरांत 3 अज्ञात बदमाश लोगों ने उस पर 5 राउंड फायरिंग की। बताया जा रहा है कि इंदरप्रीत की छाती पर गोली लगने की वजह से मौत हुई। गोली भी 9 एमएम की बताई जा रही हैं। पिता पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर तथा एक भाई पुलिस एएसआई बताया जा रहा है। पिछले माह उसकी शादी हुई थी। शादी में कई नामवर लोग शामिल हुए थे। पैरी पर कुल 12 मामले दर्ज हैं। फिलहाल, सभी मामलों में उसे जमानत मिल चुकी हैं।

घटना के समय पैरी जिम में वर्कआउट कर कार में सवार होकर घर लौट रहा था। पुलिस सूत्रों के हवाले से पता चला है कि पैरी का एक साथी काला घोड़ा घटना के बाद फरार हो गया हैं।
..असल में यह थी पूरी बात
हत्या के पीछे प्राथमिक जांच पड़ताल में सामने आया कि चंडीगढ़ के जितने बुकी थे, वे सब गोल्डी को हफ्ता भरते थे। पहले गोलड़ी तथा लारेंस एक ही गैंग में थे। मगर कुछ समय से दोनों ही अलग गैंग चला रहे हैं। अब पैरी गोलड़ी के बुकी लोगों से पैसा वसूल करता था। लारेंस गैंग को यह बात सही नहीं लगी, इसलिए, उसका कत्ल किया गया। हालांकि, पुलिस के किसी बड़े अधिकारी ने इस बात की पुष्टि नहीं की।

