प्रेस पर हमला….पंजाब में अखबारों के वाहनों की चेकिंग…कई ले लिए हिरासत में…..जनता-विपक्ष में आक्रोश

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एडिटर-इन-चीफ विनय कोछड़.चंडीगढ़। 

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रविवार को पंजाब के कई हिस्सों में पुलिस ने अखबारों के वाहनों की चेकिंग की। दरअसल, पुलिस को आशंका थी कि इन वाहनों में हवाला का पैसा ले जाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि तलाशी लुधियाना, होशियारपुर जैसे शहरों में हुई। प्राथमिक जांच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया कि उसमें कुछ संदिग्ध पाया गया हों। जनता से लेकर राजनीति से जुड़े बड़े नेताओं ने पुलिस के इस कदम तथा सरकार को गलत ठहराते हुए कहा  “पंजाब में अघोषित इमरजेंसी” लग चुकी है। 


पटियाला के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने अखबारों के सर्कुलेशन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि पंजाब सरकार “पंजाब में अघोषित इमरजेंसी” लगाने के लिए बहुत नीचे गिर गई है। गांधी ने कहा, “सरकार की ऐसी कार्रवाई अलोकतांत्रिक है और चुनी हुई सरकार के सिद्धांतों के खिलाफ है।”


….इधर, डीजीपी का आया बयान


स्पेशल DGP अर्पित शुक्ला ने कहा कि अखबारों के वाहनों की चेकिंग यह इनपुट मिलने के बाद की गई कि इन वाहनों का इस्तेमाल ड्रग्स, हथियार या हवाला का पैसा स्मगल करने के लिए किया जा सकता है। “अखबारों का सर्कुलेशन रोकने की कोई कोशिश नहीं है। पूरी चेकिंग के बाद वाहनों और ड्राइवरों को छोड़ दिया गया। बाकी पर कार्रवाई चल रही है।”

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प्रेस की आजादी पर सीधा हमला


इस बीच, X पर एक पोस्ट में, जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह ने लिखा कि यह पंजाब में प्रेस की आज़ादी पर सीधा हमला है। उन्होंने दावा किया कि भगवंत मान सरकार ने कथित तौर पर अरविंद केजरीवाल के पंजाब के सरकारी हाउस नंबर 50 में रहने की खबर को लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए पूरे राज्य में अखबारों के डिस्ट्रीब्यूशन पर रोक लगा दी और छापे मारे।

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