वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
सरबजीत कौर की भारत वापसी फिलहाल टल गई है। दरअसल, पाकिस्तान की तरफ से सरबजीत कौर की वीजा अवधि बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। पता चला है कि उसके द्वारा इस्लाम धर्म कबूल करने की वजह से वहां की सरकार ने वीजा अवधि बढ़ाने की अपील पर हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही सरबजीत का मामला लाहौर की अदालत में विचाराधीन होने के चलते भी उसकी तत्काल वतन वापसी पर रोक लग गई है।
सूत्रों के अनुसार, सरबजीत कौर को फिलहाल लाहौर स्थित महिलाओं के आसरा घर ‘दार-उल-अमन’ शेल्टर होम में रखा गया है। यहां उसकी नियमित चिकित्सा जांच भी करवाई जा रही है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि सरबजीत की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उसे शेल्टर होम में रखा गया है, जब तक कि अदालत से कोई अंतिम फैसला नहीं आ जाता।
उधर, सरबजीत के वकील अली चंगेजी संधू का कहना है कि सरबजीत का मामला लाहौर हाईकोर्ट में लंबित है। अदालत में मामले की सुनवाई पूरी होने तक पाकिस्तान के केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरबजीत को भारत भेजने के लिए जरूरी विशेष अनुमति या एग्जिट परमिट जारी करने की प्रक्रिया पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है। इसी कारण उसकी वापसी में देरी हो रही है।
इधर, भारत में सरबजीत कौर के मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं। परिवार और स्थानीय लोग उसकी सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं। वहीं धार्मिक और सामाजिक संगठनों की भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है। एसजीपीसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जत्थे के साथ गई महिला का इस तरह पाकिस्तान में रुक जाना गंभीर चिंता का विषय है और केंद्र सरकार को इस मामले में राजनयिक स्तर पर हस्तक्षेप करना चाहिए।

