वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।

कनाडा से राहत की खबर सामने आई हैं। क्योंकि, डिपोर्ट किए जाने का सामना कर रहे विद्यार्थियों अब सरकार ने विद्यार्थियों का पक्ष सुनना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में लवप्रीत नाम के युवक, जिसे 13 जून को डिपोर्ट किया जाना था, के डिपोर्टेशन का आदेश फिलहाल रोक दिया गया है। हालांकि इस पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई गई है।
इन्होंने जताई खुशी
इस आदेश से वहां पर संघर्ष कर रहे विद्यार्थियों ने खुशी जताई है। उन्होंने इसके लिए भारत और कनाडा सरकार के मंत्रियों का धन्यवाद किया इससे पहले पंजाब सरकार की तरफ से कनाडा और भारत के हाई कमीशन को पत्र लिखा गया था। दूसरी तरफ कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भी कहा था कि बच्चों को फिलहाल डिपोर्ट नहीं किया जाएगा, उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
पंजाब सरकार का रहा सराहनीय कार्य
पंजाब के प्रवासी मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने शुक्रवार को भारत के हाई कमिश्नर ओटावा संजय कुमार वर्मा व कनाडा हाई कमिश्नर दिल्ली कैमरन को एक पत्र लिखा था साथ ही वहां से निर्वासन किए जा रहे 700 विद्यार्थियों के मामले को हल करने की अपील की था। उन्होंने पत्र में विस्तार से सारा मामला उठाया था। उन्होंने साफ किया था कि छात्र बेकसूर हैं। इस मामले में ट्रेवल एजेंट, भारत में कनाडा एंबेसी और अन्य एजेंसियों के लोगों ने मिलकर खेल किया है। जिसका शिकार ये छात्र बने हैं।

