किसानों का विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम,  3 घंटे के लिए ‘रेल रोको’ का आह्वान

FARMERS PROTEST SNE NEWS IMAGE (FILE PHOTO)

वरिष्ठ पत्रकर.चंडीगढ़।

पंजाब के किसानों ने रविवार को चालू खरीफ विपणन सत्र में धान की कथित धीमी खरीद के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन के तहत राज्य में कई स्थानों पर सड़क जाम कर दीं और रेल पटरियों पर धरना दिया। संयुक्त किसान मोर्चा ने दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक राज्यव्यापी सड़क नाकाबंदी का आह्वान किया है, वहीं भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहन) ने भी 3 घंटे के लिए ‘रेल रोको’ का आह्वान किया है। पुलिस ने सड़क यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया। लुधियाना में किसानों ने समराला, कोहरा, खन्ना, राजकोट, दोराहा, पायल और जगरांव समेत कई जगहों पर सड़क यातायात बाधित किया।


किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि धान की सुचारू खरीद के संबंध में राज्य सरकार के आश्वासन के बावजूद किसानों को अनाज मंडियों में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अमृतसर में प्रदर्शनकारी किसानों ने धान की फसल की “धीमी खरीद” के विरोध में वल्हा रेलवे क्रॉसिंग पर धरना दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेता परमिंदर सिंह उग्राह ने कहा कि किसानों ने अमृतसर-पठानकोट रेल ट्रैक को जाम कर दिया है। अटारी, अजनाला कस्बे के पास कुकरवाल गांव समेत कई जगहों पर किसानों ने सड़क जाम कर दिया है। 

संगरूर में किसान सुनाम रेलवे स्टेशन पर रेल ट्रैक पर बैठ गए। मोगा में किसानों ने दुनेके के पास फिरोजपुर-लुधियाना राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। सुनाम में प्रदर्शनकारी किसान नेता ने राज्य सरकार पर धान की फसल की खरीद से भागने का आरोप लगाया।

 
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि अनाज मंडियों में किसानों की उपज का उठाव नहीं हो रहा है। राज्य के चावल मिल मालिक और कमीशन एजेंट भी किसानों के विरोध का समर्थन कर रहे हैं।जहां आढ़ती (कमीशन एजेंट) अपने कमीशन में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं, वहीं राज्य के चावल मिल मालिकों ने ताजा धान की फसल को स्टोर करने के लिए जगह की कमी का मुद्दा उठाया है।


चावल मिल मालिकों ने पीआर-126 धान किस्म के आउट-टर्न रेशियो (मिलिंग के बाद की उपज) पर भी चिंता जताई है और दावा किया है कि इससे उन्हें भारी नुकसान होगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को कहा था कि वह 14 अक्टूबर को केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री से मुलाकात करेंगे और प्रदर्शनकारी चावल मिल मालिकों और आढ़तियों की मांगों को उठाएंगे। मान ने कहा था कि चावल मिल मालिकों और कमीशन एजेंटों की मांगें जायज हैं और केंद्र सरकार को सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए।

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