एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अब आतंकियों के साथ भी तार जुड़ने लगे हैं, इसलिए, अब उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम बुधवार की रात्रि केंद्रीय जेल बठिंडा से अपने साथ ले गई। बताया जा रहा है कि एनआईए ने केंद्रीय जेल में काफी समय तक लारेंस के साथ पूछताछ की। सवालों के जवाब में तसल्लीबख्श नहीं होने की वजह से उसे दिल्ली ले जाना पड़ा। गुरुवार दिल्ली की विशेष अदालत में लारेंस को पेश किया। वहां से एनआईए को लारेंस की 10 दिन की ट्रांजिट रिमांड मिल चुकी हैं। पिछले समय दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में जांच के दौरान सरहद पार तथा विदेश में रहने वाले आतंकियों के हाथ होने के भी प्रमाण सामने आए थे।
गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज है मामला
पिछले दिनों केंद्रीय गृह-विभाग के आदेश पर कुख्यात गैंगस्टरों के गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए गए थे। उसमें कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई भी शामिल हैं। बिश्नोई के तार विदेश में बैठे कुछ कुख्यात आतंकियों के साथ जुड़े होने की पूरी-पूरी आशंका थी। सूत्रों से पता चला है कि एनआईए ने बिश्नोई के खिलाफ ऐसे प्रमाण हाथ लगे है, जिससे साबित हो जाता है कि उसके आतंकियों के साथ संबंध हैं। एनआईए को उम्मीद है कि पूछताछ में बड़ा खुलासा हो सकता है तथा भारत में पर्दे के पीछे बैठे देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वालों को भी गिरफ्तार किया जा सकता हैं।
…अब तक यह गिरफ्त से दूर
एनआईए की जांच में कनाडा बैठा गोलड़ी बराड़, लखबीर सिंह लंडा भी हैं। लेकिन, वे दोनों कनाडा में छिपे हैं। हालांकि, एजेंसी ने इसके लिए इंटरपोल की भी मदद ले रही हैं। प्रयास किए जा रहे है कि दोनों को प्रत्यर्पण प्रक्रिया के सहयोग से भारत वापस लाया जा सके। इसके लिए दस्तावेज प्रणाली को पूर्ण रूप से मुकम्मल कर लिया गया है। चर्चा, इस बात की भी चल रही है कभी भी उन्हें भारत लाया जा सकता हैं। विडंबना इस बात की भी सामने आ रही है कि यह कुख्यात अपराधी अपनी समय-समय लोकेशन को भी बदल रहे हैं। क्योंकि, भयं इन्हें इस बात का सता रहा है कि कभी भी उन्हें एजेंसी तथा स्थानीय पुलिस पकड़ सकती हैं।
आईएसआई भी कर रही मदद
सूत्रों से इस बात का भी पता चला है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसआई) भी इन कुख्यात गैंगस्टरों की मदद पर्दे के पीछे कर रही हैं। उन्हें हथियार से लेकर फंडिंग की जा रही हैं। इतना ही नहीं, उनसे बातचीत करने तथा अगले लक्ष्य को पूरा करने के लिए अत्याधुनिक ऐप के माध्यम से वार्तालाप हो रही हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि इन्हें एजेंसी ट्रेस नहीं कर पाए। इस बात का प्रमाण समय-समय पर गैंगस्टरों के पकड़े जाने उपरांत हुई पूछताछ में खुलासा हुआ।
चीन भी कर रहा मदद
किसी न किसी प्रकार से भारत में देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ पाकिस्तान का सहयोग चीन भी कर रहा हैं। चीन पाकिस्तान को अत्याधुनिक ड्रोन की मदद कर रहा हैं। पिछले दिनों पकड़ी गई खेप, हथियार सहित गैंगस्टरों ने इस बात का खुलासा एजेंसी तथा पुलिस को किया कि उन्हें सरहद पार से सहयोग मिल रहा हैं। जबकि, जितने सीमा सुरक्षा बल जवानों ने ड्रोन को सरहद की तरफ ढेर किया तो जांच-पड़ताल आरंभ हुई तो उसमें साबित हुआ कि यह सब ड्रोन चीनी निर्मित कंपनी के बनाए गए हैं। इससे साफ साबित हो जाता है कि भारत के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों में कहीं न कहीं पाकिस्तान को चीन मदद कर रहा हैं। लेकिन, भारत की बीएसएफ, एजेंसी तथा पुलिस ने इनके इरादों को हमेशा ही पस्त किया।

