एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
खाकी के गुनाहगार को हत्या के मामले में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपी पंजाब पुलिस में बतौर सहायक इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत था। उस पर अपने सगे भाई तथा भाभी की निर्मम तरीके से हत्या करने का आरोप था। दोषी को 25 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया। घटनाक्रम 21 जून 2021 की हैं। मामला चंडीगढ़ के राम दरबार कॉलोनी से जुड़ा हैं। सज़ा सुनाने के दौरान अदालत परिसर लोगों से खचाखच भरा था। पुलिस बल चारों तरफ तैनात थे।
क्या था पूरा मामला
कथित अपराधी हर स्वरूप और उसका भाई प्रेम (मृतक) अपने पिता द्वारा खरीदे राम दरबार स्थित मकान में रहते थे। जबकि उसके पिता हिमाचल प्रदेश में रहते थे।
मकान के ग्राउंड फ्लोर पर हरस्वरूप बेटा, बेटी और पत्नी के साथ रहता था। जबकि, उसका छोटा भाई प्रेम घर की पहली मंजिल पर रहता था। दोनों भाइयों की पत्नियां भी आपस में बहन थीं। एफआईआर के अनुसार दोनों भाइयों के बीच अक्सर बिजली-पानी के बिल को लेकर विवाद होता था।
वारदात वाले दिन 22 जून 2021 की रात नौ बजे दोनों के बीच विवाद काफी बढ़ गया। गुस्से में हरस्वरूप पहली मंजिल पर रह रहे अपने छोटे भाई प्रेम को चाकू मारकर घायल कर दिया। बचाव करने आई भाई की पत्नी दिव्या पर भी उसने चाकू से हमला कर दिया। हमले में दिव्या की मौके पर मौत हो गई। घायल प्रेम ने जीएमसीएच-32 में दम तोड़ दिया था।
कोर्ट ने कहा- दुर्लभ केस नहीं
फैसले में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दुर्लभ केस नहीं है। दोषी को उम्र कैद की सजा दी गई है। वहीं, दोषी हरस्वरूप के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया है और गवाहों ने भी सहयोग नहीं किया। वहीं दूसरे पक्ष का कहना था कि मौके से बरामद ब्लड सैंपल की फोरेंसिक रिपोर्ट समेत बरामद किया गया चाकू आरोप को साबित करता है। कोर्ट में चाकू भी पेश किया गया था।

