वरिष्ठ पत्रकार.अमृतसर.चंडीगढ़।
अमृतसर प्रेस क्लब चुनाव होने जा रहे हैं। इसके लिए 19 अप्रैल की तारीख को तय किया गया हैं। इस बार चुनाव काफी रोचक होने जा रहा है। क्योंकि, इस बार मैदान में शहीद भगत सिंह जर्नलिस्ट एसोसिएशन (SBSJA ) ने भी मैदान में उतरने का फैसला ले लिया है। त्रिकोणीय मुकाबला देखने के पूरे कयास लगाए जा रहे हैं। कहने का भाव खेल मैदान पूरी तरह से सज चुका है। अब सिर्फ उसमें खिलाड़ियों का मैदान में उतारना शेष हैं। मु्द्दे तो इस बार कई है, लेकिन, डिजिटल मीडिया का मुद्दा काफी गहरा माना जा रहा है, क्योंकि, जीत का रास्ता बनाने में ये लोग खास रोल निभा सकते हैं। (SBSJA) ने तो इस मुद्दे का खास ध्यान रखते हुए अपने घोषणा-पत्र में उन्हें प्राथमिकता दी है। यह भी माना जा रहा है कि इस घोषणा पत्र के उपरांत सोशल मीडिया में तो उन्हें समर्थन देने की आंधी की तरह एक लहर बन चुकी है। सुनने में तो आ रहा है कि कईयों को तो उनका फैसला नागवार लग रहा है, इसलिए, वे आपस में लड़ते हुए नजर आ रहे है। अफवाह का बाजार, इस बात की ओर गर्म है कि बहु संख्या में पत्रकारों ने इनका समर्थन देने के लिए ऐलान भी कर दिया है। कल तक इसकी लिखित तौर पर अधिकारिक पुष्टि भी हो सकती है।
खैर, इस बार तो एक बात मान कर चलना होगा कि ये चुनाव काफी दिलचस्प तथा काफी कठिन होने जा रहे हैं, क्योंकि, इस बार त्रिकोणीय मुकाबले ने अन्य संगठन की नींद को उड़ा दिया है। बताया जा रहा है कि पहले (SBSJA) ने एक अन्य संगठन को समर्थन देने का फैसला किया था, लेकिन, उक्त ग्रुप ने अपने ही पदाधिकारियों को ज्यादा तरजीह दी, जिस वजह से उन्हें अंतिम समय पर अपना फैसला बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनके, इस फैसले की खुद की टीम के अलावा प्रदेशीय संगठनों ने भी समर्थन करने के साथ-साथ उनके साथ मैदान में कंधे से कंधा मिलाकर डटे रहने का आह्वान किया हैं।
..रणनीति पर लड़ा जाएगा चुनाव
पहले तो मैंने सोचा नहीं था इस चुनाव में अपने संगठन की तरफ से चुनाव लड़ने का। अन्य संगठन को समर्थन देने का फैसला लिया था। लेकिन, मेरे प्यारे पत्रकार भाईयों ने मुझसे मुलाकात कर, मुझे इस बार चुनाव में खड़ा करने के लिए मजबूर किया। सभी भाईयों की सहमति से चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया। मानता हूं कि जीत के लिए कड़ी परीक्षा देनी है, लेकिन, कभी चुनौतियों से पीछे नहीं हटा। भाईयों के साथ मिलकर इस बार रणनीति को काफी खास तरीके से बनाया गया, जिससे , मुझे और मेरे पत्रकार भाईयों को पूरा विश्वास है कि हम सौ फीसद जीत हासिल करेंगे। डिजिटल मीडिया तथा सभी वर्ग से जुड़े पत्रकारों की अहम समस्याओं के निदान के लिए अपने घोषणा पत्र में लिखा गया है, इतिहास इस बात का साक्षी है कि हर संगठन ने इनके अधिकारों को हमेशा नजरअंदाज किया।
शहीद भगत सिंह जर्नलिस्ट एसोसिएशन (SBSJA) PRESIDENT रंजीत सिंह मसोन।
हमारे पास काबिल पत्रकारों की फौजइसमें कोई दो राय नहीं है कि हमारे पास काबिल पत्रकारों की फौज है। हर किसी के पास अल-अलग पत्रकार घरानों में काम करने में खास अनुभव हैं। कोशिश है कि सर्वसम्मति से इस बार हर पोस्ट पर संगठन की तरफ चुनाव लड़ा जाएंगा। इसके लिए संगठन तथा अन्य संगठन के पदाधिकारियों के साथ बातचीत जारी है। काबिल तथा जिम्मेदार पत्रकार उनके संगठन की तरफ से चुनाव लड़ने का इच्छुक है तो उसके लिए संगठन के लिए सभी दरवाजे खुले हैं। लेकिन, शर्त है कि उन्हें संगठन के नियमों के आधार पर चलना होगा। क्योंकि, अनुशासन ही संगठन के लिए महत्वपूर्ण पहलू हैं। हमें विश्वास है कि इस बार हमारी ही जीत होगी। हर तरफ से विश्वास, समर्थन, उनकी जीत को पक्का करेंगा।
शहीद भगत सिंह जर्नलिस्ट एसोसिएशन (SBSJA) संयुक्त सचिव जोगा सिंह।
जानेंगे, इन 9 पहलुओं को…जिन्हें SBSJA ने दी खास तरजीह
प्रेस क्लब अमृतसर का चुनाव 19 अप्रैल को होने वाला है। प्रेस क्लब अमृतसर की टीम को ऐसे लोगों को चुनना चाहिए जो (भगवान न करे) अगर आप पर कोई मुसीबत आए तो आपके साथ खड़े हो सकें। पंजाब का कोई भी पत्रकार संगठन आपकी असली मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है। बस एक ही मांग है जो लंबे समय से पेंडिंग है कि पत्रकारों को टोल प्लाजा से छूट मिलनी चाहिए और मिलनी भी चाहिए, लेकिन आप सबसे बड़ी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, ये मांगें असली मांगें हैं, जिन्हें आप जानते भी नहीं हैं, जो मांगें नीचे लिखी हैं, उन पर ध्यान दें, ये मांगें पत्रकार समुदाय के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
1) पत्रकारों के बच्चों की नर्सरी से लेकर जितनी हो सके, पढ़ाई पंजाब सरकार हर स्कूल/कॉलेज/यूनिवर्सिटी में फ्री करे।
2) अब आप नया मामला देखिए कि पत्रकार संदीप सिंह उर्फ गुड्डू के बेटे के एक्सीडेंट में पैर में बहुत चोट लग गई है और गुड्डू की फाइनेंशियल हालत खराब है और वह हर दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मदद मांग रहा है। हमारी एसोसिएशन ने पंजाब सरकार से बड़ी मांग की है कि पंजाब के सभी अस्पतालों में पत्रकार के परिवार का इलाज फ्री होना चाहिए।
3) राजस्थान की तरह पंजाब के हर शहर/कस्बे में पत्रकार कम्युनिटी के लिए एक प्रेस कॉलोनी बनाई जाए, जिसमें हर पत्रकार को आसान किस्तों और फ्लैट दिए जाएं।
4) जिस पत्रकार के पास भारत सरकार से किसी अखबार/चैनल का अप्रूव्ड आई-कार्ड है, उसे इन सभी शर्तों के तहत ये सभी अधिकार मिलने चाहिए।लेकिन किसी भी पत्रकार एसोसिएशन ने इन मुद्दों पर बात नहीं उठाई।
5) अगर हमें प्रेस क्लब अमृतसर की सेवा करने का मौका दिया जाता है, तो हम सबसे पहले सोशल मीडिया और RNI नंबर वाले अखबारों के पत्रकार साथियों (जिन्हें इस बार वोट देने का अधिकार नहीं दिया गया) के प्रेस क्लब अमृतसर को वोट देने के अधिकार पर वोट करेंगे।
6) प्रेस क्लब अमृतसर की बेहतरी के लिए, ग्रामीण/शहरी पत्रकार साथियों को क्लब की कमेटियों में शामिल करके जिम्मेदारी दी जाएगी और सभी पत्रकार साथियों का सम्मान किया जाएगा। 7) हर चुनाव में DPRO और पत्रकार कम्युनिटी यह मुद्दा उठाते हैं कि वे भेदभाव करते हैं, उसे भी एक प्रस्ताव के ज़रिए खत्म किया जाएगा और प्रेस क्लब अमृतसर के सदस्य साथियों को वोट देने का अधिकार दिया जाएगा।
7) अमृतसर के जिलों के ग्रामीण और शहरी इलाकों में काम करने वाली सभी पत्रकार एसोसिएशन में से (बिना किसी भेदभाव के) पत्रकार साथियों को लेकर प्रेस क्लब अमृतसर की बेहतरी के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी और हर महीने मीटिंग करके उन साथियों से सुझाव लिए जाएंगे और पत्रकार साथियों की समस्याओं को भी प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।
8) ज़रूरत पड़ने पर प्रेस क्लब अमृतसर की टीम हर पत्रकार साथी का बिना किसी भेदभाव के साथ सपोर्ट करेगी।
यह मुद्दा पिछले कुछ समय से सिर्फ़ शहीद भगत सिंह पत्रकार एसोसिएशन ही उठाती आ रही है। इन सभी अधिकारों को पाने के लिए इस बार शहीद भगत सिंह पत्रकार एसोसिएशन प्रेस क्लब अमृतसर के चुनाव में खड़े उम्मीदवारों का सपोर्ट करेगी ताकि आपके अधिकारों की रक्षा हो सके।
ये वादा खासतौर पर दोहराया
अगर मुझे अमृतसर जिले के पत्रकार साथियों की तरफ से प्रेस क्लब की सेवा करने का मौका मिलता है, तो प्रेस क्लब अमृतसर पत्रकार साथी की बेटी की शादी में शगुन के तौर पर 21 हजार रुपये देगा। शहीद भगत सिंह जर्नलिस्ट एसोसिएशन (SBSJA) PRESIDENT रंजीत सिंह मसोन।

