कानून नहीं मानने वालों के खिलाफ होगा पर्चा, तत्काल डाला जाएगा सलाखों के पीछे….अब पुलिस के प्रत्येक अधिकारी की होगी जवाबदेही
वरिष्ठ पत्रकार विजय शर्मा.चंडीगढ़।
अमन-शांति-कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सख्त निर्देश जारी किए। पंजाब का गृह-मंत्रालय का पदभार सीएम मान के पास हैं, इसलिए प्रमुख सचिव ने एक पत्र पंजाब पुलिस निदेशक, पुलिस कमिश्नरेट, जिला एसएसपी एवं जिला मजिस्ट्रेट को जारी करते हुए कहा कि 3 माह के भीतर हथियार रखने वालों की लाइसेंस की समीक्षा जाए, यहां पर किसी गलत व्यक्ति को लाइसेंस जारी हुआ है, उसका तत्काल रद्द किया जाए। हथियारों के सार्वजनिक तौर पर ले जाने एवं सोशल मीडिया पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध, विवाह-समागम में हथियार ले जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध, आने वाले दिनों में औचक निरीक्षण, किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत वाला भाषण देने पर एफआईआर दर्ज करने, तत्काल धारा-144 के अधीन, उनका अनुपालन कराना अधिकारियों की पूर्ण रूप से जिम्मेदारी होगी।

दरअसल, पिछले दिनों पंजाब में कई बड़ी वारदात होने के पीछे कहीं न कहीं प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। विपक्ष ने पूरे प्रकरण पर पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। एक हफ्ते के भीतर टकसाली हिंदू नेता सुधीर सूरी, डेरा प्रेमी प्रेम कुमार की दिनदहाड़े हत्या के उपरांत हिंदू नेताओं को जान से मारने की धमकियां के मामले को लेकर विपक्ष ने आप सरकार पर कड़े प्रहार किए। सभी मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान पूर्व में पुलिस के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की तथा हत्या को अंजाम देने वाले को जल्द पकड़े के कड़े निर्देश जारी किए।
चूंकि, सीएम ने अब यह आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि हथियार रखने वालों के लाइसेंस की समीक्षा की जाए, अगर कोई गलती सामने आता है तो तत्काल, उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। इसके लिए 3 माह का तय समय दिया गया। पंजाब डीजीपी, पुलिस कमिश्नर, जिला एसएसपी, जिला मजिस्ट्रेट को पत्र जारी कर आदेश की पालना करने के लिए बोला गया। सूत्रों की मानें तो पंजाब में बड़ी संख्या में ऐसे लोग है, जिनके पास हथियार का लाइसेंस ही नहीं है, कई एक लाइसेंस पर कई हथियार अपने पास रख कर बैठे हैं।
गन कल्चर गीत पर प्रतिबंध
अपने आदेश में गृह-मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री पंजाब ने आदेश दिया है कि गन कल्चर गीत पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। अगर कोई गीत गन कल्चर से संबंधित है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
उल्लेखनीय है कि पंजाब के गन कल्चर गीतों पर सर्वोच्च न्यायालय पूर्व में ही प्रतिबंध लगा चुकी हैं, लेकिन सरकार तथा प्रशासन इस पर अमल नहीं करता हैं। हालात बिगड़ने के उपरांत अब पंजाब की सरकार को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं। अब देखना यह भी होगा, सच में इन आदेशों पर कड़ी कार्रवाई हो पाती है या फिर ठंडे बस्ते में मामला डाल दिया जाता हैं।
इन घटनाओं को लेकर सरकार जागी
पिछले दिनों, पंजाब में दो बड़ी घटनाओं की वजह से सत्ता में शासन कर रही आम आदमी पार्टी सरकार की काफी किरकिरी हुई। कांग्रेस से लेकर बीजेपी, शिअद ने पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इतना तक कह दिया गया की कि मान सरकार को तत्काल बर्खास्त किया तथा राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। इसके उपरांत पंजाब की आप सरकार जागी तथा सीएम ने पुलिस को एक पत्र जारी किया।
गैंगस्टर, खालिस्तानी सरकार के लिए सबसे बड़ी मुसीबत
पंजाब में वर्तमान में विदेश में बैठे गैंगस्टर तथा खालिस्तानी सबसे बड़ी मुसीबत सरकार के लिए साबित हो रहे हैं। विदेश से अपना नेटवर्क चला रहे हैं। विदेश से फंडिंग हो रही हैं। नेटवर्क ध्वस्त करने में अभी तक पंजाब की पुलिस एवं खुफिया विभाग इतना कामयाब नहीं हो पाया। पंजाब में पिछले दिनों जो-जो वारदात हुई, उन सबके पीछे कहीं न कहीं गैंगस्टर एवं खालिस्तानियों का हाथ सामने आया। अब देखना होगा, राज्य सरकार उनका खात्मा करने के लिए कौन सी नई प्रणाली लेकर आती हैं।

