वरिष्ठ पत्रकार.अमृतसर.चंडीगढ़।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात, केंद्र सरकार की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। आर्टिकल 370 हटाए जाने पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस फैसले से राज्य में कोई सकारात्मक सुधार नहीं हुआ है, बल्कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह से कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के अधिकारों और संसाधनों में लगातार कटौती की जा रही है। उन्होंने शुक्रवार अमृतसर में एक खास कार्यक्रम दौरान पत्रकारों से खास बातचीत में ये बातें कहीं।
जानिए, किस मुद्दे पर जताई नाराज़गी
मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने योजना का नाम बदल दिया है, जिस पर उन्हें आपत्ति है। पहले मनरेगा की पूरी फंडिंग केंद्र सरकार करती थी, लेकिन अब इसका आर्थिक बोझ राज्यों पर डाला जा रहा है, जबकि केंद्र के पास पर्याप्त फंड मौजूद है। ऐसे में राज्यों पर अतिरिक्त दबाव डालना उचित नहीं है।
नशे की समस्या पर जाहिर की चिंता की
मेडिकल कॉलेजों को बंद किए जाने के मुद्दे पर भी उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर भी चिंता जताई।

