PAWAN KUMAR.AMRITSAR/CHANDIGARH.

जानकारी देते दल खालसा के नेता। (CREDIT-IMAGE-BY-SNE-NETWORK)
केंद्र सरकार द्वारा दल खालसा का इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद संगठन में हलचल तेज हो गई है। दल खालसा के नेता कंवरपाल सिंह बिट्टू ने इस फैसले को गैर-लोकतांत्रिक बताते हुए सरकार पर उनकी आवाज दबाने का सीधा आरोप लगाया है। बिट्टू ने मीडिया को बताया कि यह पहली बार नहीं है। जून 2025 में भी उनका एक सोशल मीडिया पेज बंद किया गया था, जिसके बाद नया अकाउंट बनाया गया था। अब उसे भी बंद कर दिया गया है। सरकार ने कुछ खास पोस्टों पर आपत्ति जताई थी। इनमें 26 जनवरी से जुड़े सरबत खालसा कार्यक्रम, अकाल तख्त साहिब पर हुई अरदास और अन्य गतिविधियों से संबंधित पोस्ट शामिल थीं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा गांव-गांव और शहर-शहर चलाई गई मुहिम, 14 मार्च को गृह मंत्री के दौरे से पहले उनकी तरफ से उठाए गए सवाल और 15 मार्च को जारी वीडियो पर भी रोक लगाई गई थी। इसके अतिरिक्त, 13 अप्रैल को धर्मकोट में आयोजित कार्यक्रम, जिसमें खालसा राज और खालिस्तान की आवश्यकता पर चर्चा हुई थी, उससे जुड़े पोस्ट भी सरकार के निशाने पर रहे ओर उन्हें हटा दिया गया। बिट्टू ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पहुंच को सीमित कर रही है, ताकि उनके विचार लोगों तक न पहुंच सकें। उन्होंने इसे केवल एक अकाउंट बंद करने का मामला नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा हमला बताया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि जब भी दल खालसा की पहुंच लोगों के बीच बढ़ती है, तब किसी न किसी तरीके से उस पर रोक लगाने की कोशिश की जाती है। बिट्टू ने बताया कि उनका निजी अकाउंट भी कई सालों से बंद है। अंत में, कंवरपाल सिंह बिट्टू ने कहा कि इस तरह की पाबंदियों से वे अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अन्य माध्यमों के जरिए लोगों से जुड़े रहने की बात कही। उन्होंने इस कार्रवाई को सरकार की कमजोरी और डर का प्रतीक बताते हुए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

