वरिष्ठ पत्रकार.अमृतसर/ चंडीगढ़।
श्री हरिमंदिर साहिब को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में हरियाणा से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को हिरासत में लिया है। उसकी पहचान फरीदाबाद के रहने वाले शुभम दूबे के तौर पर हुई है। उसे अमृतसर लाया गया है। पूछताछ हर पहलू से की जा रही है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने इसकी पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि शाम को दोबारा एक बार फिर धमकी आई। SGPC के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मनन ने कहा कि धमकी भरा ईमेल शुभम दूबे को हिरासत में लिए जाने के बाद आया है। पुलिस कमिश्नर को इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
वहीं, पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ईमेल सिर्फ गोल्डन टेंपल को ही नहीं, दिल्ली के स्कूलों, अदालतों, सीएम, सांसदों और तमिलनाडु की कई संस्थाओं को भी भेजे गए। आशंका है कि गोल्डन टेंपल का नाम प्रयोग कर तमिलनाडु के मसलों को उजागर करने को कोशिश की जा रही है, क्योंकि जो धमकी भरे ई-मेल भेजे गए हैं, उनमें दो लाइनें तो गोल्डन टेंपल के बारे में होती हैं। लेकिन उसके नीचे जो बात शुरू की जाती है, उसमें तमिलनाडु, डीएमके से जुड़ी घटनाओं का जिक्र किया गया है। जिनके नाम इस ईमेल में लिखे गए हैं, वे भी सभी साउथ राज्यों के ही हैं।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कई ई-मेल बीते समय में तमिलनाडु में भी सर्कुलेट हुए हैं। इस वजह से तमिलनाडु के कई अधिकारी भी पंजाब पुलिस के संपर्क में हैं। बता दें कि 14 जुलाई से अब तक SGPC को 6 धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। इन मेल्स में गोल्डन टेंपल को आरडीएक्स से उड़ाने की बात कही गई थी। इसके बाद अमृतसर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
आगे पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुभम दूबे 24 साल का है और सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह दो कंपनियों में जॉब कर चुका है, लेकिन अब बेरोजगार है। कुछ टेक्निकल एवीडेंस मिले हैं, जिसके चलते शक शुभम पर गया है। फिलहाल, शुभम से कड़ी पूछताछ की जा रही है। ई-मेल भेजने के लिए आरोपी डार्कवेब का प्रयोग कर रहे हैं। यही कारण है कि आईपी एड्रेस अन्य-अन्य देशों के आ रहे हैं। इतना ही नहीं, पहले कुछ ई-मेल आउट-लुक से भेजे गए थे, लेकिन 16 जुलाई को भेजे ई-मेल हॉटमेल से भेजे गए। उन्हें आशंका है कि गोल्डन टेंपल को धमकी वाला ईमेल भेज कुछ युवक, संगठन या लोग ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। दरअसल, इस तरह के ई-मेल दिल्ली के स्कूलों, अदालतों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विभिन्न संस्थानों को भी आए हैं। पुलिस को शुभम से पूछताछ के दौरान कुछ अहम सुराग मिल सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह कोई अकेली साइबर धमकी थी या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क या कट्टरपंथी साजिश है।

