वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। यह मामला दर्ज किया गया है बूटा सिंह के बेटे सरबजीत सिंह सिद्धू की शिकायत पर, उन्होंने एसएसपी कपूरथला को एक शिकायत दी थी जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।
पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की ओर से दिवंगत केंद्रीय गृह मंत्री और दलित नेता बूटा सिंह पर की अभद्र टिप्पणी की गई थी। इससे पहले राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने डीसी तरनतारन से वड़िंग पर की गई कार्रवाई की 7 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने कहा कि अगर तय समय में रिपोर्ट नहीं दी गई तो डीसी को तलब किया जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के आरोपों पर आयोग ने संज्ञान लिया है। रिपोर्ट में विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी के संबंध में विवरण मांगा गया है।
इसी तरह पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने रिटर्निंग अधिकारी तरनतारन की रिपोर्ट को असंतोषजनक पाए जाने पर जिला चुनाव अधिकारी व डीसी तरनतारन को 6 नवंबर को पेश होने के आदेश दिए हैं। आयोग ने यह जानकारी भी जिला चुनाव अधिकारी से मांगी है कि आचार संहिता के अनुपालन के लिए वड़िंग को जिले की सीमा से बाहर क्यों नहीं किया गया। आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वड़िंग ने दिवंगत बूटा सिंह के प्रति रंग और नस्ल के आधार पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मामले को रफा दफा करने के लिए वड़िंग ने माफी मांगी है। चीमा ने कहा कि वड़िंग ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रधान, 3 बार विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में सांसद हैं। यह टिप्पणी गलती नहीं बल्कि जातिवादी अहंकार से प्रेरित अपराध है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी कांग्रेस नेता दलितों के अपमान वाले बयान देते रहे हैं। चीमा ने मांग की कि कांग्रेस तुरंत वड़िंग को पार्टी से निष्कासित करें नहीं तो उनकी दलित-विरोधी मानसिकता की पुष्टि होगी।

