वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।

सांसद एवं खालिस्तान समर्थक तथा अलगाववादी सोच रखने वाले अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के खिलाफ देश की सर्वोच्च न्यायालय में जाने का फैसला लिया। उनकी याचिका पर पहली सुनवाई 7 नवंबर को होने जा रही है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि अमृतपाल को शायद उच्च न्यायालय में राहत मिल सकती है। माना जा रहा है कि पिछले समय फरीदकोट के गुरप्रीत सिंह हत्या के उपरांत बढ़ाई एनएसए के खिलाफ याचिका दायर की गई है।
जानिए..कब से बंद है अमृतपाल
सांसद अमृतपाल 23 अप्रैल 2023 से NSA के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। उस पर NSA इसलिए लागू किया गया, क्योंकि राज्य सरकार ने उनकी गतिविधियों को राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा माना। NSA की अवधि समय-समय पर बढ़ाई जाती रही है। पांच जुलाई 2025 तक उसकी NSA रोकथाम तीसरी बार बढ़ाई गई थी। हालांकि उनके साथ गिरफ्तार 9 अन्य लोगों को पंजाब की जेलों में शिफ्ट कर दिया गया और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई भी शुरू कर दी गई। लेकिन, अमृतपाल सिंह अकेले असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है।
..नहीं हिस्सा ले पा रहा संसदीय सत्र में….?
अमृतपाल सिंह के वकील सुप्रीम कोर्ट में ये चुनौती देंगे कि NSA लगाना उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है और उनकी हिरासत खत्म की जानी चाहिए। वे यह भी चाहता है कि उसे संसद सत्रों में भाग लेने की अनुमति दी जाए, जिसे अब तक उनकी हिरासत के कारण रोका गया है। उसकी याचिका में यह भी कहा गया है कि एक सांसद का कामकाज रोकना उनके निर्वाचन क्षेत्र के गणतंत्र अधिकारों का उल्लंघन है।
कैसे पकड़ा गया था अमृतपाल
अमृतपाल की गिरफ्तारी तकरीबन 1 महीने तक चली लंबी कार्रवाई व सर्च ऑपरेशन के बाद संभव हो पाई थी। 18 मार्च 2023 को उसकी गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस ने NSA के तहत उसे गिरफ्तार कर असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया। उसे रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी के पीछे आरोप था कि वे खालिस्तानी मांगों का समर्थन करते हुए सामाजिक अस्थिरता फैला रहा था। जिसमें पुलिस पर हमले के अलावा अजनाला पुलिस थाने पर कब्जा करने के जैसे गंभीर मामले भी शामिल थे।

