वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर की एक विवादित टिप्पणी ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। सवाल खड़ा करने वाले हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया। दरअसल, मामला अदालत से जुड़ा है। ठाकुर ने अपने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार द्वारा नियुक्त 6 मुख्य संसदीय सचिवों को उनके पदों से हटाया जाएगा। इस बयान के सामने आने के उपरांत पार्टी में बवाल खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इस बात की प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी की हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती पर यहां कांग्रेस कार्यालय में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सुक्खू ने कहा कि ठाकुर न्यायालय के फैसले की भविष्यवाणी कैसे कर सकते हैं, जिसे सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय को ऐसे बयानों पर ध्यान देना चाहिए। सुक्खू ने कहा कि नौ भाजपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी का अनादर किया और बजट सत्र के दौरान सदन में कागज फाड़े। मुख्यमंत्री ने बताया कि अध्यक्ष ने विधायकों को नोटिस जारी किया था और उन्होंने अपना जवाब दाखिल कर दिया है।
इस बीच, एक बयान में बिंदल ने दावा किया कि सुक्खू को पता है कि छह मुख्य संसदीय सचिवों को उनके पदों से हटा दिया जाएगा और इसलिए, वह नौ भाजपा विधायकों को अयोग्य ठहराने की साजिश रच रहे हैं, जो अलोकतांत्रिक है। हिमाचल प्रदेश में भाजपा और सत्तारूढ़ कांग्रेस दोनों ने दावा किया कि वे 10 जुलाई को होने वाले तीन विधानसभा उपचुनाव जीतेंगे। ये सीटें तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं, जिन्होंने फरवरी में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा को वोट दिया था और बाद में भगवा पार्टी में शामिल हो गए थे।

