वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
आय से अधिक संपत्ति मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया न्यू नाभा जेल में बंद हैं। लेकिन अब उन्होंने मोहाली की अदालत में एक याचिका दायर की है। यह याचिका उन्होंने जेल में अपनी बैरक बदलवाने के लिए लगाई है। मजीठिया का कहना है कि वह पूर्व मंत्री और विधायक रह चुके हैं और उन्हें “ऑरेंज कैटेगरी” में रखा जाना चाहिए। इसलिए उन्हें उन कैदियों से अलग रखा जाए जो अंडर ट्रायल हैं या जिन्हें सजा हो चुकी है। अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को नोटिस भेजा है और अगली सुनवाई सोमवार को तय की है। फिलहाल मजीठिया 19 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
इससे पहले जब उन्हें न्यू नाभा जेल भेजा गया था, उस समय पंजाब सरकार की तरफ से दावा किया गया था कि मजीठिया की बैरक में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि उनकी सुरक्षा से किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो। वहीं, सरकार ने साफ किया था कि जेल में मजीठिया को सामान्य कैदियों की तरह ही सुविधाएं दी जाएंगी। किसी भी तरह से उन्हें वीआईपी सुविधाएं नहीं मिलेंगी।
बता दें कि साल 2021 में कांग्रेस सरकार के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया पर ड्रग तस्करी से जुड़ा मामला दर्ज हुआ था। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने सरेंडर किया, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें पटियाला जेल भेज दिया था। वहां वे करीब छह महीने तक रहे, लेकिन उस दौरान उन्होंने बैरक बदलने जैसी कोई याचिका नहीं दी थी।
अब जबकि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस चल रहा है, विजिलेंस विभाग ने जांच तेज कर दी है। टीम गोरखपुर से संबंधित दस्तावेजों का सारा रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले आई है। ये रिकॉर्ड करीब 10,000 से ज्यादा पन्नों का है।
बता दें कि मजीठिया के वकीलों ने रिमांड व गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट में दायर की हुई है। मजीठिया के वकीलों ने गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका में संशोधन के लिए 3 सप्ताह का समय मांगा, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।

