वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
पति की जगह अनुकंपा आधार पर लगी डीएसपी को 13 पुराने रिश्वत मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया है। कल इस पर अदालत कड़ी सजा सुनाकर , रिश्वत लेने वाले सरकारी अधिकारियों को बड़ा संदेश पहुंचा सकती है। मामला, वर्ष 25 जुलाई 2011 का है। महिला डीएसपी ने एक बिल्डर से 1 लाख की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत सहित सीबीआई की टीम ने रंगेहाथ हाथ गिरफ्तार कर लिया था। बताया जा रहा है कि महिला के आवास से एके-47 सहित भारी मात्रा में असलहा बरामद हुआ था। फिलहाल, जमानत पर चल रही है। विभाग की काफी किरकिरी हुई थी।
जानकारी के मुताबिक, डीएसपी राका गोरा पंजाब में पुलिस विभाग में थी। वह मोहाली में रहती थी। उन्होंने एक बिल्डर से किसी काम के लिए 1 लाख की रिश्वत की मांग की थी। बिल्डर ने इस मामले को लेकर चंडीगढ़ स्थित सीबीआई टीम को शिकायत दी। डीएसपी को दबोचने के लिए एक विशेष टीम गठित की। बिल्डर, डीएसपी के तय समय तथा जगह पर पहुंच गया। जब बिल्डर 1 लाख की रिश्वत दे रहा था, तभी सीबीआई टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने रिश्वत का 1 लाख भी बरामद कर लिया।
बताया जा रहा है कि इस मामले में डीएसपी के जहां पर एके-47 तथा काफी विदेशी असलहा बरामद किया गया। लंबे समय के उपरांत डीएसपी को जमानत मिल सकी। मामला तब से लेकर सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहा था। अदालत के समक्ष सीबीआई ने अहम सबूत रख दिए। जिसके आधार पर डीएसपी को दोषी ठहराया गया। बताया जा रहा है कि अवैध हथियार का मामला पुलिस थाना में दर्ज था, इसलिए अदालत के समक्ष कोई खास सबूत पेश नहीं कर पाने की वजह से डीएसपी को बरी कर दिया गया। अब इस मामले में डीएसपी को कड़ी सजा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

