एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
खालिस्तान कमांडो फोर्स के चीफ परमजीत सिंह पंजवड़ की सरेआम गोलियां मारकर हत्या से आईएसआई की कमर टूट गई है। फिलहाल, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के मंसूबों पर साफ तौर पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है। क्योंकि, कुछ ही समय में 4 प्रमुख आतंकियों की पाकिस्तान में हत्या हो चुकी है। लिहाजा, आईएसआई ने पाकिस्तान में शरण लिए बैठे आतंकियों के ठिकानों को बदलना शुरू कर दिया है। बाकायदा कुछ आतंकियों को सुरक्षा प्रदान भी की गई है।

शीर्ष कमांडर को भी मार दिया गया था
इसी साल फरवरी में हिजबुल मुजाहिदीन का शीर्ष कमांडर बशीर मीर उर्फ इम्तियाज आलम की इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। बशीर मीर के हत्यारे भी बाइक पर आए थे और गोलियां बरसाकर फरार हो गए थे। बशीर मीर हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडरों में से एक था। वह कश्मीर में आतंकवाद के लिए युवाओं को जुटाने और उन्हें हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने का काम करता था। बशीर मीर पीओके में सक्रिय आतंकियों के लांच पैड की भी जिम्मेदारी संभाले हुए था।

जहूर मिस्त्री की भी हुई थी हत्या
जहीर मिस्त्री जैश-ए-मोहम्मद का टॉप आतंकी था, जो 24 दिसंबर 1999 को हुए इंडियन एयरलाइंस के विमान अपहरण में भी शामिल था। मार्च 2022 में जहूर मिस्त्री की पाकिस्तान के कराची में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह कराची के अख्तर कॉलोनी में क्रिसेंट फर्नीचर नाम से एक शोरूम भी चला रहा था। उसकी हत्या फर्नीचर दुकान के अंदर घुसकर की गई थी। उस वक्त भी बाइक सवार अज्ञात हमलावरों की बात निकलकर सामने आई थी। जहूर मिस्त्री के अंतिम संस्कार में रऊफ असगर सहित जैश-ए-मोहम्मद के कई शीर्ष आतंकी शामिल हुए थे।

रिंदा की नशे की ओवरडोज के कारण हुई मौत
छह माह पहले 20 नवंबर को पाकिस्तान में पनाह लिए मोस्ट वांटेड आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा की नशे की ओवरडोज के कारण शुक्रवार को मौत हो गई। उसकी मौत भी रहस्यमयी हुई थी। रिंदा ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों की नाक में दम कर रखा था। रिंदा पंजाब में टारगेट किलिंग और आतंकवाद फैलाने के लिए की गई कई वारदातों में वांछित था। सिद्धू मूसेवाला की हत्या से लेकर कई संगीन मामलों में वह लिप्त था।
यह रहा बड़ा कारण
पाकिस्तान में आतंकियों की हत्या क्यों हो रही है क्या यह ड्रग तस्करी के धंधे में सौदागरों की आपसी रंजिश का नतीजा है, इसको लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई है लेकिन केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के आला आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, आतंकवादियों के ठिकानों को बदलने का क्रम आईएसआई ने शुरू कर दिया है। बब्बर खालसा के चीफ वधावा सिंह पाकिस्तान में शरण लिए हुए हैं। उसकी उम्र 67 साल हो चुकी है। उसके नाम इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस नंबर 938/82 जारी है।
दल खालसा का चीफ अक्सर देखा जाता लाहौर
दल खालसा का चीफ गजिंदर सिंह पुत्र मनोहर सिंह डेरा साहिब गुरुद्वारा, लाहौर में अक्सर देखा जाता है और उसका रिहायशी पता सी/ओ ऐमथ-बर्नी, 538/एन, उस्मानाबाद, लाहौर है। गजिंदर सिंह 29 सितंबर 1981 को दिल्ली से लाहौर तक आईसी 423 का अपहरण करने का मुख्य आरोपी था और 14 साल तक पाकिस्तान की जेल में रहा। उसने कई मौकों पर पाकिस्तान से भागने की कोशिश की। हालांकि, एक बार वह नेपाल के रास्ते पाकिस्तान छोड़ने में सफल हो गया, लेकिन फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया और वापस पाकिस्तान भेज दिया गया। गजिंदर सिंह की हाल ही में एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। गजिंदर सिंह को भी आईएसआई ने ठिकाना बदलने के लिए कहा है।
भिंडरांवाला के भतीजे के पाकिस्तान में 4 ठिकाने
भिंडरांवाला के भतीजा लखबीर सिंह रोडे पाकिस्तान में इंडियन सिख यूथ फेडरेशन का चीफ है, जिस पर ड्रोन के जरिये भारत में आरडीएक्स भेजने के अलावा काफी संगीन मामले चल रहे हैं। खुफिया एजेंसियों के रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके पहले से तीन चार ठिकाने हैं, जिस पर वह अलग-अलग समय में बदल-बदल कर रहा है। इसमें टाउनशिप क्षेत्र, हालौल, अमोल थियेटर लाहौर, हाउस नंबर 20, पीआईए कॉलोनी, डिफेंस, लाहौर है। उसको आईएसआई की तरफ से सुरक्षा में बढ़ोतरी तो की गई है साथ ही उसके लिए अलग ठिकानों को भी तैयार किया गया है।
नीटा ने पाकिस्तान में रखे अलग-अलग नाम
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रंजीत सिंह नीटा ने पाकिस्तान में अपने अलग अलग नाम रखे हुए हैं, जिसमें मनप्रीत, बिट्टू, अतिंदरपाल शामिल हैं। 60 साल का रंजीत सिंह नीटा सिविल कैंप, वार्ड नंबर 2, आरएसपुरा जम्मू का रहने वाला है लेकिन वह पाकिस्तान निकल गया था। जहां पर वह 14/11, पेको कॉलोनी (लाहौर के बाहरी इलाके), भाखड़ा कोठ, सेना छावनी के पास, लाहौर व मॉडल टाउन, लाहौर में अलग अलग समय पर रहता है। उसका मुख्य कैंप सेना छावनी के पास है। नीटा का भी ठिकाना आईएसआई बदलने की तैयारी कर रही है।

