कांग्रेस बोली….मोदी के इशारे पर हुई रेड, नहीं डरते है पंजाबी किसी से, वोट से जवाब देगी जनता
एसएनई नेटवर्क.बटाला/चंडीगढ़।
शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रेड बटाला में हुई। ईडी सूत्रों से पता चला है कि दिल्ली शराब नीति घोटाले के तार इस शहर के कुछ शराब कारोबारियों से जुड़े है, इसलिए उनकी टीम ने दबिश दी। शराब कारोबारी का खास शख्स जो इस धंधे को देखता है, उसे हिरासत में लिया गया। इससे टीम लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों से इस बात का भी पता चला है कि एक कांग्रेस के बड़े नेता के तार भी इस घोटाले से जुड़ रहे है। बताया जा रहा है कि वह पंजाब के बटाला शहर में एक प्रमुख सीट पर विराजमान है। टीम के हाथ अहम सबूत लगे है, जिससे केस को मजबूत बनाने में अहम कड़ी निभा सकती है। उधर, कांग्रेस पार्टी ने इस रेड को पीएम नरेंद्र मोदी की सोची समझी साजिश को करार दे रहे है। उनके मुताबिक, पंजाबी कभी इस प्रकार के हथकंडे से नहीं डरा है। विकास करने वाले कांग्रेस के नेता को फंसाना, इस बात की ओर संकेत जाता है कि भाजपा को अपनी हार सताने लगी है। पंजाब की जनता अपनी एक-एक वोट से इसका जवाब देगी।
शनिवार की सुबह, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम दिल्ली से पंजाब के बटाला शहर में आती है। टीम अमृतसर के जैंतीपुर में स्थित पंजाब के सबसे बड़े शराब कारोबारी तथा कांग्रेस के नेता राजेंद्र कुमार उर्फ पप्पू जैंतीपुरिया के आवास तथा बटाला के कार्यालय, उनके खास गोपी तथा कांग्रेस के बड़े नेता आवास पर एक साथ दबिश देती है। पता चला है कि टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी थी। टीम ने अपने कब्जे में सब कुछ ले लिया। रिकार्ड को हासिल कर लिया तथा उसमें कुछ अहम सबूत हासिल किया। टीम के एक सूत्र ने इस बात का हवाला भी दिया कि दिल्ली शराब नीति घोटाले से कुछ तार जुड़ रहे थे, इसलिए उनकी टीम ने रेड की। एक को हिरासत में लिया गया। पूछताछ जारी है, कुछ अहम जानकारी हासिल हुई।
क्या है पूरा प्रकरण, जानिए, खास रिपोर्ट में
बता दें कि दिल्ली शराब नीति घोटाला हुआ था। जांच ईडी को सौंपी गई। ईडी के जांच में पूरे भारत से कई शराब कारोबारियों तथा कुछ राजनीति से जुड़े लोगों का नाम सामने आया। टीम ने इस मामले में कई राजनीति से जुड़े बड़े नेता तथा शराब कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब टीम के हाथ पंजाब के बटाला शहर से जुड़े एक शराब कारोबारी के बारे कुछ अहम सबूत हाथ लगे कि वह तथा एक कांग्रेस नेता इस घोटाले का भी कुछ हिस्सा है। टीम ने पुख्ता सबूत के आधार पर रेड की। उधर, टीम ने इस धंधे से जुड़े इनके खासमखास को हिरासत में लिया है, जिसके साथ निरंतर पूछताछ जारी है।
एक पहलू यह भी है
उधर, कांग्रेस तथा राजनीति से जुड़े कुछ विशेषज्ञ, इस रेड को राजनीति के साथ जोड़ कर देख रहे है। उनके मुताबिक, पीएम दौरे के ठीक एक दिन बाद कांग्रेस के शीर्ष नेता तथा उनके सहयोगियों के यहां रेड करना , यह साफ हो जाता है कि भाजपा को पता चल गया है कि वह इस सीट से हार रही है, जबकि, कांग्रेस के यह 2 बड़े नेता पार्टी के प्रत्याशी भरपूर समर्थन करने के साथ-साथ जीत के लिए अहम किरदार निभा रहे है।
लंबे समय से थे रडार पर
एजेंसी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि जिन-जिन के खिलाफ उनकी टीम द्वारा रेड की गई। वे सब लोग उनकी रडार पर लंबे समय से थे। उनके पास इनके खिलाफ पुख्ता सबूत है, जिससे अदालत में सजा दिलाने में उन्हें काफी आसानी होगी। रेड में भी कुछ सबूत हासिल हुए है, उन्हें टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। सूत्रों से पता चला है कि बैंक के लेनदेन का रिकार्ड भी जब्त किया गया। इसमें कई ट्रांसजेक्शन संदिग्ध पाई गई। सवाल पूछने पर उनके पास अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
ईडी पक्के सबूत के आधार पर करती है कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) देश की एक एजेंसी है, जो घोटालों से संबंधित लेनदेन के बारे पुख्ता सबूत के आधार पर कार्रवाई करती है। इस एजेंसी का किसी भी के साथ कोई लेनदेन नहीं होता है। इन पर राजनीतिक दबाव नहीं होता है। हर कार्य वह सबूत के आधार पर करती है। इनकी रिपोर्ट को तो जल्दी अदालत में भी नहीं चुनौती दी जा सकती है, क्योंकि, वह केस से संबंधित हर पुख्ता सबूत को पेश कर देती है। यहीं कारण है कि दिल्ली शराब नीति घोटाले से संबंधित जिन-जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उन्हें देश की सर्वोच्च न्यायालय से भी अब तक जमानत नहीं मिल सकी।

