वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
इंग्लैंड के रहने वाले भारतवंशी सिख पार्षद ने विदेशी धरती में एक नया इतिहास रचा हैं। वह मेयर का दर्जा हासिल करने वाले प्रथम भारतीय का दर्जा हासिल कर लिया। बताया जा रहा है कि जसवंत सिंह विरदी मूल रूप से भारत के प्रांत पंजाब के जालंधर शहर के रहने वाले हैं। पता चला है कि इन्हें इंग्लैंड में रहते हुए लगभग 60 वर्ष से अधिक समय हो चुका हैं। वह इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स शहर कोवेंट्री के नए लॉर्ड मेयर के रूप में निर्वाचित हुए हैं। देश-विदेश में खुशी की लहर हैं।
पद संभालने के उपरांत यह कहीं खास बात
बिरदी ने लॉर्ड मेयर का पद संभालने के बाद कहा- मुझे गृह शहर का लॉर्ड मेयर बनने पर बहुत गर्व है। उसने मुझे और मेरे परिवार को वर्षों से बहुत कुछ दिया है। मुझे यह दिखाने के लिए सम्मानित किया जाएगा कि मैं इसे इतना प्यार क्यों करता हूं और शहर व लोगों को बढ़ावा देने के लिए जो यहां रहते हैं।
पूर्व में इस पद पर किया कार्य
17 वर्ष विरदी कोवेंट्री शहर में पार्षद के रूप में रहे। 9 साल उन्होंने बबलेक वार्ड का प्रतिनिधित्व किया। दो टर्म के लिए उन्होंने हिलफील्ड्स वार्ड का काम भी संभाला। 1 साल तक उन्होंने डिप्टी लॉर्ड मेयर का पदभार संभालने के बाद वह पार्षद केविन मैटन को हराने में सफलता हासिल की।
पाकिस्तान के लाहौर से भी रहा नाता
बताया जा रहा है कि विरदी का जन्म चाहे भारत के पंजाब प्रांत में हुआ। लेकिन, स्वतंत्रता से पूर्व उनके पूर्वज लाहौर और बाद में पश्चिम बंगाल में भी रहे। परिवार 1950 के दशक में पूर्वी अफ्रीका में केन्या चला गया, जहां उन्होंने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। अपनी आगे की शिक्षा के लिए 60 के दशक में यूके चले गए। एक पार्षद होने के अलावा, वह शहर में धार्मिक, सामाजिक और सामुदायिक परियोजनाओं की स्थापना में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।

