वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अन्य न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास व अदालतों की व्यवस्था न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डीसी व एसएसपी के सरकारी आवास को खाली करवाने का आदेश दिया है। साथ ही पंजाब सरकार पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इससे पहले हाईकोर्ट डेराबस्सी के एसडीएम का कार्यालय खाली करवाकर उसका कोर्ट परिसर के लिए इस्तेमाल करने का आदेश जारी कर चुकी है।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई शुरू होते ही कोर्ट को बताया गया कि मालेरकोटला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के साथ ही अन्य न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास व अदालतों का इंतजाम करने की दिशा में काम किया जा रहा है। दो अदालतों के निर्माण के लिए मंजूरी ली जा चुकी है और जल्द निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। भूमि निर्माण को लेकर ली गई मंजूरी की अधिसूचना में विवादित शर्त भी हटा दी गई है।
कोर्ट ने कहा कि जब आप जिला बना रहे थे तब ही इसके लिए पूरा विचार किया जाना चाहिए था। जब तक जिला एवं सत्र न्यायाधीश के लिए आवास व अदालत की व्यवस्था नहीं होती, हम तब तक उन्हें वहां पोस्टिंग नहीं देंगे। कोर्ट ने कहा कि आपके डीसी और एसएसपी कहां रहते हैं। कोर्ट को बताया गया कि डीसी के पास अपना खुद का सरकारी मकान भी नहीं है। वह पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में रहते हैं। कोर्ट ने कहा कि क्यों नहीं इसको अदालत के इस्तेमाल के लिए दे दिया जाता।
पंजाब सरकार ने इस पर आपत्ति जताई। कोर्ट को बताया गया कि न्यायिक अधिकारियों की गैरमौजूदगी में 4200 केस विचाराधीन है। कोर्ट ने कहा कि सरकार के रवैए ने हमें सख्त आदेश जारी करने को मजबूर कर दिया है। कोर्ट ने अब आदेश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले पीएडल्ब्यूडी रेस्ट हाउस को डीसी से व एसएसपी का सरकारी मकान खाली करवाकर इसे न्यायिक अधिकारियों के लिए उपलब्ध करवाया जाए।

