HIGH-COURT–परीक्षण प्रोटोकॉल पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश

PUNJAB & HARYANA HIGH COURT SNE IMAGE

वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़। 

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने आज भारत संघ (यूओआई) को चावल के भंडारण के लिए स्थान की उपलब्धता तथा संकर धान की किस्मों के परीक्षण प्रोटोकॉल पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।


मुख्य न्यायाधीश शील नागू तथा न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल की खंडपीठ ने कहा कि भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन को निर्देश प्राप्त करने तथा 2 पहलुओं अर्थात चावल के भंडारण के लिए स्थान की उपलब्धता तथा संकर धान की किस्म के उत्पादन अनुपात के परीक्षण पर अनिवार्य रूप से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 29 अक्टूबर तय की। याचिकाकर्ता सनप्रीत सिंह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए, जबकि पंजाब राज्य का प्रतिनिधित्व पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह, अतिरिक्त महाधिवक्ता जे.एस. गिल तथा सौरव खुराना ने किया।


जवाब खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत 


जब मामला सुनवाई के लिए आया, तो एफसीआई के पंजाब क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा एक जवाब खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अन्य बातों के अलावा, उसने कहा कि अक्टूबर में अब तक पंजाब क्षेत्र से गेहूं/चावल का 8 एलएमटी स्टॉक पहले ही बाहर भेजा जा चुका है। महीने के अंत तक 5 एलएमटी और बाहर भेजे जाने की उम्मीद है। इसके अलावा दिसंबर तक चावल की स्वीकृति के लिए लगभग 40 एलएमटी जगह बनाए जाने की संभावना है। चावल की आवाजाही एनएफएसए और भारत सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत उपभोक्ता राज्यों में मांग और खपत पर निर्भर करती है और पंजाब आगे की खपत के लिए लगभग सारा चावल उपभोक्ता राज्यों को भेज रहा है। 

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