वरिष्ठ पत्रकार.पंचकूला.चंडीगढ़।

अकील अख्तर की मौत के मामले में अब उसकी डायरी ही बहुत बड़ा खोल सकती है। ऐसा, विशेष जांच दल (एसआईटी) के विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है। फिलहाल, उसे जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। अकील संगीन आरोप मरने से पहले सोशल मीडिया में बनाई एक वीडियो में लगाए थे। उसमें तो उसने साफ तौर पर बोल दिया था कि उसकी मौत के लिए जिम्मेदार उसका परिवार है, उसमें पूर्व डीजीपी पिता मुस्तफा, पूर्व मंत्री मां रजिया सुल्ताना तथा अपनी पत्नी का प्रमुख तौर पर जिक्र किया था।
इस बात का भी पता चला है कि एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डायरी की लिखावट वास्तव में अकील की है या नहीं। इसके लिए हैंडराइटिंग सैंपल्स फोरेंसिक जांच को भेजे गए हैं। डायरी में जिस तरह की बातें लिखी गई हैं उससे लग रहा है कि अकील लंबे समय से मानसिक तनाव में था और उसने परिवार को लेकर कई विरोधाभासी बातें दर्ज की थीं।
डायरी के करीब 10 पन्नों में अकील ने अपने जीवन के तनाव, पारिवारिक मतभेदों और आत्मघाती विचारों को लिखा है। डायरी में अक्टूबर महीने में उसने जहरीला सामान बाहर से मंगाने का भी जिक्र किया। डायरी में लिखा है कि उसने कीटनाशक जैसे जहरीले पदार्थ ऑनलाइन ऑर्डर किए थे, लेकिन दोनों बार उसकी मां को इसकी भनक लग गई। मां ने वह सामान छीनकर फेंक दिया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह ऑर्डर किस प्लेटफार्म से और किस पते पर किया गया था। अगस्त में उसने अपने मानसिक रोग का जिक्र किया। सितंबर में परिवार, पत्नी और पिता के बारे में लिखा। दूसरे हफ्ते में लिखा, मैं तनाव में हूं, परिवार मेरा दुश्मन है। इसके बाद लिखा, मेरे परिजन बहुत अच्छे हैं। अक्टूबर में जहरीले पदार्थ का उल्लेख किया।बताया जा रहा है कि एसआईटी और फोरेंसिक टीम ने घर की तलाशी ली। अकील के कमरे से दो मोबाइल, लैपटॉप, एक सीरिंज और पाउडर जैसा पदार्थ बरामद हुआ, जिसे लैब जांच के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अकील के हाथ पर इंजेक्शन के निशान पाए गए हैं।
शनिवार को एसआईटी ने पटियाला स्थित डी-एडिक्शन सेंटर के मालिक, डॉक्टरों और स्टाफ से पूछताछ की। अकील यहां पर वह 2 बार भर्ती रहा था। सेंटर मालिक ने बताया कि अकील का व्यवहार अस्थिर था,कभी वह अपने परिवार के खिलाफ बोलता था, तो कभी उनकी तारीफ करता था।

