वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष तरलोचन सिंह ने नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से घरेलू उड़ानों में सिख कर्मचारियों के कृपाण ले जाने पर प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो के 30 अक्टूबर के नए परिपत्र में सिख यात्रियों को छोटी कृपाण ले जाने की अनुमति दी गई है, लेकिन सुरक्षा कर्मियों और पायलटों सहित एयरलाइनों और हवाई अड्डों के सिख कर्मचारियों को ऐसा करने से प्रतिबंधित किया गया है।
सिंह ही थे जिन्होंने 2002 में घरेलू उड़ानों में सिख यात्रियों को छोटे आकार की कृपाण पहनने की अनुमति दिलाई थी। उनका तर्क है कि नया परिपत्र भारत की धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। उन्होंने आज अपने पत्र में कहा, “मैंने नया परिपत्र पढ़ा है, जिसमें आपने किसी भी संस्था के सिख कर्मचारियों को घरेलू उड़ानों में ड्यूटी पर कृपाण पहनने की अनुमति नहीं दी है। यह लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता का पूर्ण उल्लंघन है। सिख “मर्यादा” का पालन करने वाले पायलट को हर समय 6 इंच की कृपाण रखनी होती है। मैं आपसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और घरेलू उड़ानों में सिख कर्मचारियों के लिए किसी भी तरह के भेदभाव को खत्म करने का आग्रह करता हूं।”

