एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।

गैस रिसाव से नंगल के सेंट सोल्जर स्कूल में बच्चों और अध्यापकों व अन्य में डर का माहौल बना रहा। सुबह की प्रार्थना सभा शुरू होते ही बच्चों को सांस लेने में दिक्कत और उल्टी की शिकायत होने लगी। इसके बाद प्रार्थना सभा को रद्द कर बच्चों को जल्द कक्षाओं में भेजा गया। कक्षाओं में पहुंचने पर भी जब बच्चों की सांस लेने की दिक्कत खत्म नहीं हुई तो सभी रोने लगे।

स्कूल प्रबंधकों की सांस अटक गई और हाथ पैर फूलने लगे। जब बच्चों से बात की तो उन्होंने घुटन की बात कही। कुछ बच्चों ने कहा कि उन्हें उल्टियां और चक्कर आ रहे हैं। कुछ अध्यापक भी बेहोश होने लगे। वहीं गैस रिसाव की खबर सुनते ही अध्यापक स्कूल की तरफ भागे।

इन छात्रों को लाया गया अस्पताल
सिविल अस्पताल नंगल के प्रभारी डॉ. नरेश कुमार के अनुसार अस्पताल में अभिनव, कशिश, विनीत कुमार, यांना, राधिका, अवनीत कौर, जैस्मीन कौर, मन्नत, वंशिका राणा, सपना, गुंजन प्रीत सिंह, तानिया रानी, आशीष, इशिता, उज्वल गौतम, सर्वजीत सिंह, जतिन कुमार, गौरव कुमार, सोनिया भट्ट, परनीत कौर, गुरनूर कौर, जैस्मीन कौर, परमिंदर कौर, प्रभजोत सिंह, अध्यापिका सोनिका पुरी को लाया गया। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है। छात्रा रूबी राणा को पीजीआई रेफर किया है। अभी दो छात्र अस्पताल में भर्ती हैं।

सबसे बड़ा सवाल- कहां से हुआ गैस का रिसाव
नंगल में गुरुवार को गैस रिसाव से 50 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। गैस का रिसाव कहां से हुआ… यह अभी स्पष्ट नहीं है। अभिभावकों की जान अटकी रही। वहीं दो बड़ी इकाइयों एक-दूसरे को कटघरे में खड़ा कर आरोप लगाती रहीं। गैस किस कंपनी से लीक हुई यह सवाल अभी सुलझा नहीं है। प्रशासन भी बिना किसी जांच के बोलने को तैयार नहीं है।
दो ही औद्योगिक इकाइयां
नंगल में दो ही औद्योगिक इकाइयां हैं। एक केंद्र सरकार की एनएफएल और दूसरी पीएसीएल (पंजाब अल्कली केमिकल लिमिटेड) जिसको बाद में निजी कंपनी ने टेकओवर कर लिया। उसका नाम प्राइमो केमिकल रख दिया। पीएसीएल पहले सरकारी इकाई थी। प्राइमो केमिकल से कुछ मीटर की दूरी पर सेंट सोल्जर डिवाइन पब्लिक स्कूल है जबकि एनएफएल करीब 500 मीटर की दूरी पर है लेकिन वह काफी दूर तक फैली है।
इतने बच्चे करते शिक्षा ग्रहण
स्कूल में दो हजार से भी अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं और इन बच्चों की जान इस रिसाव से खतरे में पड़ गई। गैस रिसाव से इस कदर दहशत फैली कि तमाम स्कूलों में अभिभावक फोन कर बच्चों का हाल जानने लगे। अभिभावकों में चिंता होने लगी तो जिला प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से नंगल व साथ लगते कुछ गांवों के सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों में छुट्टी कर दी।
मुख्य महाप्रबंधक ने यह बड़ी बात कहीं
प्राइमो केमिकल के मुख्य महाप्रबंधक (वर्कस) एमपीएस वालिया ने साफ शब्दों से कहा कि उनकी इकाई से किसी प्रकार का रिसाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि गैस से प्रभावित बच्चे स्कूल की तीसरी मंजिल में थे और कंपनी की क्लोरीन गैस भारी होती है। वह तीसरी मंजिल तक नहीं पहुंच सकती।

