NATIONAL BREAKING..तृणमूल कांग्रेस की बगावत अब संसद तक पहुंच गई, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की

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SNE NETWORK.NATIONAL DESK.

तृणमूल कांग्रेस में भारी बगावत हो गई है। पार्टी के भीतर की कलह अब संसद तक पहुंच गई है। टीएमसी के बागी सांसदों ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने त्रिपुरा की ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी’ के साथ विलय का एलान कर दिया है। बागी सांसदों ने यह कदम दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए उठाया है। इस फैसले से अपनी सांसदी बचाने की रणनीति तैयार की गई है। इस बड़े राजनीतिक धमाके से दिल्ली से लेकर कोलकाता तक की राजनीति गरमा गई है।

टीएमसी के बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की

इस एलान से पहले रविवार को काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी रॉय सहित टीएमसी के बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इन बागी सांसदों ने लोकसभा के भीतर खुद के लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने की औपचारिक मांग की है। बागी गुट का दावा है कि उनके साथ टीएमसी के 28 में से 20 से 22 लोकसभा सांसद मौजूद हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से संसद के भीतर उन्हें असली टीएमसी विधायी दल के रूप में मान्यता देने की अपील की है। स्पीकर से मिलने से पहले इन बागी सांसदों ने भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली आवास पर जाकर लंबी रणनीति बैठक की। इस बैठक में सयानी घोष और माला रॉय भी शामिल थीं।

बैठने की अलग व्यवस्था करने का अनुरोध किया

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद बागी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि हमने बैठने की अलग व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। हमने कहा है कि हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं। कानूनी तौर पर सदन में सीधे किसी ‘अलग गुट’ को मान्यता मिलना नामुमकिन है। सदस्यता बचाने के लिए किसी मूल दल के साथ विलय अनिवार्य है। सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद पहले इस पार्टी में विलय करेंगे। इसके बाद नया संयुक्त मोर्चा केंद्र में भाजपा नीत एनडीए गठबंधन को अपना समर्थन सौंप देगा। हालांकि, इसे सबसे मजबूत विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

टीएमसी ने भी जवाबी कानूनी कार्रवाई तेज कर दी।

जैसे ही बगावत की खबर फैली, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली मूल टीएमसी ने भी जवाबी कानूनी कार्रवाई तेज कर दी। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक कड़ा पत्र भेजा। कीर्ति आजाद और सागरिका घोष ने इस पत्र को व्यक्तिगत रूप से स्पीकर को सौंपा।###USA###UK###CANADA###TMC-NEWS-KOLKATTA###INDIA###CHINA###VIETNAM###IRELAND###SWEDEN###@

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