यह सिखों और गुरुओं का अपमा, कहा , इससे उनकी सिखों के प्रति नफरत उजागर होती है।
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संसद में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के केंद्रीय राज्य मंत्री व लुधियाना से पूर्व सांसद रवनीत बिट्टू को गद्दार कहने के मामले में PM नरेंद्र मोदी की एंट्री हो गई है। गुरुवार को राज्यसभा में बोलते हुए PM मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने एक सिख को गद्दार कहा।बिट्टू सिख हैं, इसलिए उन्हें गद्दार कहा वर्ना कांग्रेस छोड़कर तो कई लोग जा चुके हैं। यह सिखों और गुरुओं का अपमान है। PM ने कहा कि इससे उनकी सिखों के प्रति नफरत उजागर होती है।
बता दें कि कल राहुल गांधी ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन के दौरान बिट्टू के गुजरने पर उन्हें गद्दार दोस्त कहा था। इस पर बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन कहते हुए हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। इसके बाद सीढ़ियों पर दोनों में तीखी तकरार हुई। बिट्टू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उनके साथ मारपीट करने वाले थे। उनकी पगड़ी उतार सकते थे।

बुधवार को संसद मकर द्वार पर राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को गद्दार दोस्त कहा था। जिसके बाद यह विवाद बढ़ गया।
PM मोदी की 3 अहम बातें
- PM मोदी ने कहा- कल जो घटना घटी, इसी सदन के एक माननीय सांसद कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने उनको गद्दार कह दिया। इनका अहंकार 7वें आसमान पर पहुंच चुका है। कांग्रेस को छोड़कर कितने ही लोग निकल चुके। कांग्रेस के कितने टुकड़े हुए हैं। कई लोग दूसरे दलों में गए हैं। उन्होंने औरों को तो किसी को गद्दार नहीं कहा। कल सांसद को गद्दार इसलिए कहा क्योंकि वह सिख थे। ये सिखों का अपमान था। ये गुरुओं का अपमान था। कांग्रेस के अंदर कूट–कूटकर सिखों के प्रति नफरत भरी पड़ी है, उसकी ये अभिव्यक्ति थी। वह इसी सदन के माननीय सांसद थे, उनको जरा भी दर्द नहीं। वरना वह आज खड़े होकर कह सकते थे, कि कल जो हुआ, वह इसी संसद के सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं था। हमें खेद है। एक शब्द तो बोल सकते थे लेकिन सिखों के प्रति उनके मन में जो नफरत भरी पड़ी है, इसी कारण ये सब कहा गया।
- PM मोदी ने कहा- जिसका परिवार देश के लिए शहादत देने वाला हो। वह उसके सदस्य हों, उन्होंने अपने राजनीतिक विचारों में परिवर्तन किया तो क्या वे गद्दार हो गए?, ये गद्दार शब्द छोटा नहीं है। मेरे देशवासी को कोई गद्दार कहे, ये कोई देशवासी कैसे बर्दाश्त करेगा। वह भी एक सिख को गद्दार कहना, बहुत दुर्भाग्य की बात है। ऐसे लोग कांग्रेस को नहीं डुबाएंगे तो क्या करेंगे।

संसद भवन के बाहर तकरार के दौरान राहुल गांधी रवनीत बिट्टू की ओर बढ़े। इस दौरान केसी वेणुगोपाल ने राहुल का हाथ पकड़ा और सुखजिंदर रंधावा ने राहुल की पीठ पर हाथ रखा। बिट्टू ने इस सीन को देखकर ही दावा किया कि राहुल उन्हें पीटने आए। कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी की अगुआई में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री व लुधियाना के पूर्व सांसद रवनीत बिट्टू संसद भवन के भीतर जाने के लिए वहां से गुजरे। यह देख राहुल गांधी ने कहा- गद्दार बिल्कुल पास से गुजर रहा है। राहुल गांधी ने फिर कहा- उसका चेहरा देखो, कैसा दिख रहा है।
राहुल गांधी बिट्टू की तरफ बढ़े और कहा– हेलो ब्रदर, मेरे गद्दार दोस्त। यह सुनकर बिट्टू ने राहुल गांधी की तरफ उंगली उठाई तो राहुल गांधी ने कहा- डोंट वरी, तुम वापस आओगे। इस पर रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी सांसदों ने सरेंडर-सरेंडर की नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख बिट्टू ने कहा कि तुम देश के दुश्मन हो। इसके बाद बिट्टू संसद की सीढ़ियां चढ़ने लगे तो फिर राहुल गांधी के साथ उनकी तीखी तकरार हुई। इसके बाद रवनीत बिट्टू संसद में चले गए।
तकरार के 3 PHOTOS…

रवनीत बिट्टू को देखकर राहुल गांधी ने कहा- गद्दार बिल्कुल पास से गुजर रहा है। उसका चेहरा देखो, कैसा दिख रहा है।

राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को कहा- हेलो भाई, मेरा गद्दार दोस्त। तब बिट्टू ने उंगली उठाई तो राहुल गांधी ने कहा- डोंट वरी, तुम वापस आओगे। बिट्टू ने देश का दुश्मन कहते हुए हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।

संसद की सीढ़ियां चढ़ते वक्त राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू में तीखी तकरार हुई। हालांकि, उन्होंने एक-दूसरे को क्या कहा, यह सुनाई नहीं दिया।

