वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।

पंजाब विधानसभा उप चुनाव की 4 सीटों पर सियासी पिच तैयार हो गई है। 13 नवंबर को मतदान होना है। उपचुनाव में कई दिग्गजों की साख दांव पर है। जीत दर्ज करने के लिए सभी दिग्गज एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। यह उपचुनाव इन नेताओं का सियासी भविष्य भी तय करने वाला है। कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व डिप्टी सीएम व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरमीत सिंह मीत हेयर व मनप्रीत बादल के लिए यह चुनाव अहम रहने वाला है।गिद्दड़बाहा से पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग की पत्नी अमृता वड़िंग चुनाव मैदान में हैं। 3 चुनाव से वड़िंग का इस विधानसभा क्षेत्र में काफी दबदबा है। वड़िंग की अगुवाई में ही लोकसभा में कांग्रेस ने 7 सीटें जीती थीं। उपचुनाव में प्रधान के तौर पर अन्य सीटों पर जीत दर्ज करने के अलावा उनके लिए अपनी सीट बचाने को लेकर भी बड़ी चुनौती है।

यही हालात पूर्व डिप्टी सीएम व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के लिए भी हैं। वह 3 बार डेरा बाबा नानक सीट से जीत दर्ज करते रहे हैं, लेकिन अब लोकसभा चुनाव में एंट्री के बाद उन्होंने भी अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है। रंधावा कांग्रेस में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में आप की लहर के बावजूद वह अपनी इस सीट को बचाने में सफल रहे थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने गुरदासपुर से जीत दर्ज करके अपनी ड्यूटी को बखूबी निभाया था, लेकिन अब डेरा बाबा नानक से उनकी पत्नी जतिंदर कौर यहां से चुनाव लड़ रही हैं, जिसके चलते उनके लिए यह चुनाव साख का सवाल बना हुआ है।

5 बार के विधायक व 2 बार वित्त मंत्री रहे मनप्रीत बादल के लिए भी पिछले चुनाव में नतीजे अच्छे नहीं रहे थे। पिछली बार वह कांग्रेस की टिकट पर बठिंडा अर्बन सीट से लड़े थे और हार गए थे। यहां तक कि उनको सिर्फ 18.12 प्रतिशत वोट पड़े थे। इस बार वह भाजपा से गिद्दड़बाहा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। मनप्रीत अगर जीतते हैं तो उनके लिए यह चुनाव संजीवनी साबित हो सकता है, लेकिन अगर नतीजे इसके उलट रहते हैं तो उनके सियासी भविष्य के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है।

इसी तरह संगरूर से सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के लिए भी यह चुनाव खास है, क्योंकि उनके विधानसभा क्षेत्र बरनाला से उनके क्लासमेट हरिंदर सिंह धालीवाल मैदान में हैं। मीत हेयर वर्ष 2017 व 2022 में बरनाला से विधायक चुने गए थे, इसलिए चुनाव में उनकी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।

