वरिष्ठ पत्रकार.अमृतसर / चंडीगढ़।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर भाजपा नेता तरनजीत सिंह संधू से मुलाकात करने के लिए पहुंची। इस मुलाकात की सभी तस्वीरें को तरनजीत सिंह संधू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड करते हुए लिखा है कि समुंद्री हाउस में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू से मिलना और अमृतसर से जुड़े विकास के मुद्दों पर चर्चा करना एक सुखद अनुभव था। इस पूरे मामले को लेकर अब राजनीति हलचल भी तेज हो गई। कयास इस बात के लगाए जा रहे है कि सिद्धू परिवार कभी भी भाजपा में जा सकता है। हालांकि, सिद्धू की पत्नी या परिवार से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। बता दें कि इन तस्वीरों में सिद्धू की बेटी राबिया भी दिखाई दे रही है। जो कि अब राजनीति में काफी दिलचस्पी लेने लग गई है।
नवजोत सिंह सिद्धू के परिवार ने लंबे समय से कांग्रेस से दूरी बना रखी है। नवजोत सिंह सिद्धू राजनीति छोड़ क्रिकेट में व्यस्त हैं। इन दिनों पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अपने परिवार के साथ अमृतसर में हैं। दरअसल डॉ. नवजोत कौर सिद्धू अपनी बेटी राबिया के साथ समुद्री निवास पहुंचीं। जहां उन्होंने अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत और अमृतसर से भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार तरनजीत सिंह संधू से मुलाकात की। तरनजीत सिंह ने इस मुलाकात की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कीं।
दरअसल, विधानसभा चुनाव 2022 हारने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू को अचानक जेल जाना पड़ा। 1988 के रोडरेज मामले में उन्हें एक साल की सजा सुनाई गई। 2023 में जेल से बाहर आने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू और उनके पूरे परिवार ने राजनीति से दूरी बना ली। लोकसभा चुनाव में स्टार प्रचारकों की सूची में नाम होने के बावजूद नवजोत सिंह सिद्धू ने कहीं भी प्रचार नहीं किया। इतना ही नहीं, वे कांग्रेस की बैठकों से भी दूर रहे।
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण चेहरा हैं और राजनीति के क्षेत्र में उनका एक अलग स्थान है। नवजोत कौर का राजनीतिक सफर 2012 में शुरू हुआ, जब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर अमृतसर (पूर्व) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। यहीं से नवजोत कौर पहली बार विधायक बनी थी, और वह 2012 से 2017 तक इस सीट का प्रतिनिधित्व करती रहीं।
डॉ. कौर का राजनीतिक करियर उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू की राजनीतिक सक्रियता के दौरान शुरू हुआ। दोनों ने कुछ समय के लिए भाजपा में एक साथ काम किया, लेकिन बाद में नवजोत सिंह सिद्धू और डॉ. कौर दोनों ने भाजपा छोड़ दी। इसके बाद, उन्होंने कांग्रेस पार्टी का दामन थामा।

