PUNJAB..बेअदबी का मुद्दा राज्यसभा में क्यों उठा…..संत सीचेवाल ने कौन सी बड़ी बात कहीं…देखें, इस विस्तृत रिपोर्ट में….?

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SNE NETWORK.NAKODAR/JALHANDAR.

राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल जानकारी देते हुए। - Dainik Bhaskar

राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल जानकारी देते हुए। (CREDIT-IMAGE-BY-SNE-NEWS)

राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने देश में बढ़ रही धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों को राज्यसभा में उठाया और इन घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। उनका स्पेशल मेंशन सदन ने स्वीकार कर लिया है। सीचेवाल ने राज्यभा में 40 साल पहले नकोदर में हुई श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी का मुद्दा उठाया और कहा कि अभी तक उस घटना से प्रभावित परिवारों का न्याय नहीं मिला। हालात यह हैं कि नकोदर थाने में बेअदबी की घटना का कोई रिकार्ड ही नहीं है।

संत सीचेवाल ने सदन को बताया कि 2 फरवरी 1986 को नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पांच स्वरूपों को आग के हवाले कर दिया गया था। इस घटना के विरोध में 4 फरवरी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही सिख संगत पर पुलिस ने फायरिंग की जिसमें चार नौजवान मारे गए। इसी तरह बरगाड़ी मामले में भी पुलिस फायरिंग में दो सिखों की मौत हुई थी।

उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इन मामलों में अब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथ केवल किताबें नहीं होते, बल्कि समाज के मार्गदर्शक होते हैं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सिख धर्म में जीवित गुरु का दर्जा प्राप्त है, इसलिए उनकी बेअदबी कैसे सहन हो सकती है?

संत बलबीर सिंह सीचेवाल राज्यसभा में सवाल रखते हुए।

संत बलबीर सिंह सीचेवाल राज्यसभा में सवाल रखते हुए। (CREDIT-IMAGE-BY-SNE-NEWS)

पत्रकारों से बातचीत के दौरान संत सीचेवाल ने कहा कि नकोदर घटना के बाद लोगों में भारी रोष था। 4 फरवरी 1986 को शांतिपूर्ण धरने के दौरान पुलिस ने बिना चेतावनी गोलीबारी की, जिसमें भाई रविंदर सिंह लित्तरां, बलधीर सिंह रामगढ़, हरमिंदर सिंह रायपुर चालूपुर और भाई झिलमन सिंह गौंरसिया शहीद हो गए। संत सीचेवाल ने कहा कि पीड़ित परिवारों के लिए यह केवल अपने बेटों की शहादत का मामला नहीं है, बल्कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अग्नि को समर्पित किए गए स्वरूपों से जुड़ी गहरी आस्था का भी विषय है। चार दशकों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न्याय न मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

बेअदबी कांड पर संत सीचेवाल के 3 सवाल

  1. नकोदर थाने में इस बड़ी घटना की एफआईआर का रिकॉर्ड क्यों नहीं मिल रहा?
  2. यदि एफआईआर दर्ज ही नहीं हुई थी, तो जस्टिस गुरनाम सिंह की अगुवाई में जांच कैसे की गई?
  3. यह जांच रिपोर्ट 31 अक्टूबर 1986 को पंजाब सरकार को सौंपी गई थी, लेकिन बिना एक्शन टेकन रिपोर्ट के 5 मार्च 2001 को विधानसभा में कैसे पेश हो गई ### USA ### CANADA### (SAINT-SICCHAEWAL-NEWS)###@
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