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सेना की ओर से पंजाब स्थित वेरका के मिल्क पाउडर के सैंपल फेल कर दिए गए हैं। वेरका के अधीनस्थ मेसर्ज लुधियाना कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन लिमिटेड की ओर से सेना को 783 किलो दूध की आपूर्ति की जानी है। सेना ने दलील देते हुए कहा कि मिल्क पाउडर के सैंपलों की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी है। लिहाजा इन्हें रिजेक्ट कर दिया गया है।
सेना ने सात दिन के भीतर फेल की गई सैंपल सामग्री को उठाने के लिए कहा है। सेना की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि तय दिन के भीतर संबंधित फर्म अपने सैंपल नहीं उठाती तो सैन्य अफसरों के बोर्ड की निगरानी में सैंपल सामग्री को नष्ट कर दिया जाएगा। उधर इस संबंध में वेरका के महाप्रबंधक दलजीत सिंह दावा करते हुए कहते हैं कि मिल्क पाउडर के सैंपल दोबारा जांच के लिए भेजे गए हैं। उनकी रिपोर्ट आने के इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद अब सेना को आपूर्ति करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।
इस मसले पर कांग्रेस ने आप सरकार को घेरते हुए इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पंजाब के सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भारतीय सेना की तरफ से वेरका के ड्राई मिल्क के एक कंसाइनमेंट को रिजेक्ट करने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पंजाब सरकार के अधीन एक प्रमुख डेयरी ब्रांड पर उठे सवालों पर सरकार को घेरा। इस मामले में राज्य सरकार की गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई उत्पाद सेना के मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो उसका आम जनता के बीच वितरण गंभीर जनस्वास्थ्य चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि वेरका हमेशा से पंजाब की शान रहा है, ऐसे में आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस बड़े प्रमुख ब्रांड का नाम खराब किया है। उन्होंने इस मामले में सरकार से तत्काल पारदर्शिता की मांग की। इस मामले में उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में जांच में अगर कोई लापरवाही या चूक पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

