वरिष्ठ पत्रकार.लुधियाना.चंडीगढ़।
श्रीगंगानगर विदेशी हथियारों का ‘लॉजिस्टिक हब’ (सप्लाई का अड्डा) बनता जा रहा है। पाकिस्तान में बैठे ISI समर्थित तस्कर गोला बारूद से लेकर चीन-तुर्किए में बने हथियार ड्रोन के जरिए गिरा रहे हैं। यहां से इन हथियारों को देश के दूसरे हिस्सों में पहुंचाया जा रहा है। कभी इस रूट से नशीले पदार्थों की सप्लाई की जाती थी। हाल ही में लुधियाना (पंजाब) पुलिस के एनकाउंटर में हत्थे चढ़ा श्रीगंगानगर (राजस्थान) का रहने वाला रामलाल भी पाक-ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था। इससे पहले गुजरात एटीएस की गिरफ्त में आए 3 संदिग्ध आतंकियों को भी हथियार इसी रूट से पहुंचाए गए थे।
बता दें कि लुधियाना में पुलिस ने 20 नवंबर को एनकाउंटर के बाद दो तस्कर रामलाल और दीपक को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। रामलाल श्रीगंगानगर के लालगढ़ कस्बे के गांव ताखरांवाली का है। दीपक उर्फ दीपू फाजिल्का (पंजाब) के अबोहर स्थित गांव शेरेवाला का रहने वाला है। पंजाब पुलिस ने इनके पास से दो हैंड ग्रेनेड और पांच पिस्टल जब्त की थी। तब लुधियाना पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि रामलाल और दीपक पाकिस्तान स्थित हैंडलर जसवीर उर्फ चौधरी के कॉन्टैक्ट में थे। उसने ही बॉर्डर से ड्रोन के जरिए ये तबाही मचाने वाले हथियार पहुंचाए थे। जसवीर के निर्देश पर दोनों की प्लानिंग ग्रेनेड अटैक करने की थी। पंजाब पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी उस आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा हैं, जिसके तार लॉरेंस गैंग से जुड़े हैं।
लुधियाना पुलिस की कार्रवाई के 7 दिन बाद ही 27 नवंबर को श्रीगंगानगर से एक और तस्कर राकेश उर्फ रॉकी नेहरा को पकड़ा गया। श्रीगंगानगर के हरीपुरा 26 जीबी का रहने वाला रॉकी नेहरा को श्रीगंगानगर पुलिस ने जस्सासिंह मार्ग से दबोचा। इसके पास से अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद हुए थे। रॉकी का कनेक्शन 20 नवंबर को लुधियाना में पंजाब पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल आतंकी से था। बताया जा रहा है कि रॉकी ने ही रामलाल और दीपू को हथियारों के साथ पंजाब भेजा था
13 नवंबर : ग्रेनेड अटैक मॉड्यूल का खुलासा
लुधियाना पुलिस ने इनके मॉड्यूल का खुलासा करते हुए 10 आतंकियों को पकड़ा था। इनके पास से चीन में बने 86p हैंड ग्रेनेड और हथियार बरामद हुए। यह भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ग्रेनेड अटैक करने वाले थे। इस साजिश में भी श्रीगंगानगर निवासी अवि विश्वकर्मा की भूमिका सामने आई थी। अवि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के संपर्क में था।
बता दें कि गुजरात एटीएस ने 11 नवंबर को तीन संदिग्ध आतंकियों मोहियुद्दीन, सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल को पकड़ा था। इनके पास से तीन पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए थे। गुजरात एटीएस की पूछताछ में तीनों आतंकियों ने स्वीकारा था कि हनुमानगढ़ (राजस्थान) में सीमा पार से ड्रोन से गिराए गए हथियार उन तक गुजरात पहुंचाए गए थे।
गुजरात एटीएस के DIG सुनील जोशी के मुताबिक, तीनों संदिग्ध आतंकियों को लखनऊ (UP), दिल्ली, अहमदाबाद (गुजरात) के कई ठिकानों की रेकी करने की लिस्ट मिली थी। इनमें से मोहियुद्दीन के पाकिस्तान में कई हैंडलर से संपर्क में था। उसके निर्देश पर हथियार श्रीगंगानगर बॉर्डर पर गिराए गए थे।
अब समझिए डिलीवरी का रूट
हथियार पाक बॉर्डर से ड्रोन के जरिए श्रीगंगानगर से लगती सीमा क्षेत्र में ड्रॉप हुए।
हनुमानगढ़ जिले में मौजूद स्लीपर सेल ने इन हथियारों को उठाया।
भारतमाला एक्सप्रेस-वे (अमृतसर-राजस्थान-गुजरात) से शराब तस्करी रूट से इन हथियारों को आगे भेजा गया।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 22 नवंबर को 4 बड़े हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया था।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 22 नवंबर को 4 बड़े हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया था।
दिल्ली-पंजाब की गैंग तक सप्लाई
सीमा पार से पाकिस्तान ड्रोन का इस्तेमाल कर हथियारों की सप्लाई कर रहा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 22 नवंबर को ही ISI कनेक्शन वाले एक बड़े इंटरनेशनल हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा कर 4 तस्कर पकड़े थे। ये पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हाईटेक हथियार मंगवाकर गैंगस्टरों को सप्लाई करते थे। दिल्ली के रोहिणी एरिया में आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से तुर्की और चीन में बने 10 हाईटेक पिस्टल और 92 जिंदा कारतूस बरामद किए थे।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के अनुसार, यह रैकेट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था। हथियार पहले तुर्किये और चीन से पाकिस्तान पहुंचाए जाते, फिर वहां से ड्रोन के जरिए राजस्थान-पंजाब से सटे बॉर्डर एरिया में गिराए जाते थे। इसके बाद इन्हें तस्करों की मदद से लॉरेंस, बंबीहा, गोगी और हिमांशु भाऊ जैसी गैंग तक पहुंचाया जाता था। हवाला के जरिए पाकिस्तान पैसा भेजा जाता था।
अनमोल बिश्नोई इसी रूट से भिजवाता था हथियार
हाल ही में अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत लाए गए गैंगस्टर अनमोल से पूछताछ के बाद पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई की बात सामने आई थी। राजस्थान एटीएस को आशंका है कि पाकिस्तान बैठे हैंडलर लंबी दूरी तय करने वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर हथियार डिलीवर कर रहे हैं।

