वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
कनाड़ा ने वांछित अपराधियों की सूची से गैंगस्टर गोल्डी बरार का नाम हटा दिया है, जो वर्तमान में उत्तरी अमेरिकी देश में सक्रिय है। इस बात की पुष्टि भारत के वापस बुलाए गए राजदूत संजय वर्मा ने एक साक्षात्कार दौरान की। उन्होंने कहा कि भारत ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और बरार के नाम कनाडाई अधिकारियों के साथ साझा किए थे।
वरिष्ठ राजनयिक ने यह भी कहा कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या गलत थी और पूरी जांच के बाद सच्चाई सामने आनी चाहिए। निज्जर हमारे लिए एक आतंकवादी था, लेकिन किसी भी लोकतंत्र, कानून के शासन वाले देश के लिए जो कुछ भी न्यायेतर है, वह गलत है। राजनयिक ने कहा कि हमने हमेशा उनसे कहा कि हम पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचना चाहते हैं, ताकि आप संतुष्ट हों, हम संतुष्ट हैं।”
उन्होंने कहा कि बरार कनाडा में एक गिरोह संचालित करता था, लेकिन उस देश में कई ऐसे समूह हैं जो इतने अंतरराष्ट्रीय नहीं हैं, लेकिन उनका कनाडा में एक चरित्र है। गोल्डी बरार कनाडा में रह रहा था। वर्मा ने कहा, “हमारे अनुरोध पर उसे वांछित सूची में डाल दिया गया। अचानक वह वांछित सूची से गायब हो गया। माना जाता है कि बरार लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य था और मई 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद वह चर्चा में आया था।
हालांकि, रिपोर्ट बताती है कि दोनों अब अलग-अलग गिरोह चला रहे थे। वर्मा ने कहा कि भारत ने बरार और बिश्नोई के नाम रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के साथ साझा किए थे। राजनयिक ने कहा, “इसलिए, ऐसा नहीं है कि कनाडा या कनाडाई अधिकारी अपने सपनों से जागे और कहा, यहाँ एक लॉरेंस बिश्नोई है और यहाँ एक गोल्डी बरार है, यह एक भारतीय एजेंसी थी जिसने उन्हें इन दो गैंगस्टरों के बारे में बताया।”

