वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
इस बार पंचायत चुनाव में ड्यूटी देने वाले शिक्षकों को हिंसक दौर से गुजरना पड़ा है। कई शिक्षक बुरी तरह से जख्मी हो गए तो कईयों को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। सोशल मीडिया पर ये सब तस्वीर शुक्रवार की सुबह खूब तेजी से प्रसारित हो रही है। इन सभी वाक्य के बारे अब पंजाब शिक्षक संघ खुलकर बोल भी रहा तथा पंजाब सरकार को इन सारी घटनाओं के पीछे का जिम्मेदार भी ठहरा रहा है।
मानसा के फतेहपुर गांव में, एक शिक्षक, शुभम कुमार को मतों की गिनती के बाद बेईमान तत्वों द्वारा उन पर और अन्य मतदान कर्मचारियों पर हमला करने के बाद सिर में गंभीर चोट लगी। चक फतेह वाला गांव में, मतगणना के बाद बस में लौट रहे शिक्षकों पर ईंटों और पत्थरों से हमला किया गया। उन्हें अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा।
एक अन्य घटना में, बठिंडा जिले के लालेयाना गांव में मतदान ड्यूटी पर तैनात एक शिक्षक से मतगणना के दौरान मतपत्र छीन लिए गए।
बरनाला के खुडी कलां गांव में दो महिला शिक्षकों ने मदद के लिए गुहार लगाई, क्योंकि मतगणना केंद्र को बाहर से बंद कर दिया गया था और चुनाव परिणामों से असहमत बेईमान तत्वों द्वारा बिजली आपूर्ति काट दी गई थी। एक शिक्षक भूपेश ने उन्हें बचाने के लिए मदद मांगी। हम राज्य सरकार और चुनाव आयोग को सभी विवरण प्रदान कर रहे हैं। यह एक गंभीर मामला है क्योंकि हमें 50 से अधिक ऐसी शिकायतें मिली हैं।

