आतंकी रिंदा की मौत के पीछे बड़ा राज…..आईएसआई का वफादार होने के साथ-साथ भारतीय एजेंसियों की रडार पर था लंबे समय से …….आशंका बीमारी से नहीं हुई मौत, बल्कि मौत के घाट उतारा 

एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसआई) का भारत के पंजाब विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाला खास गुर्गे हरविंदर सिंह रिंदा की पाकिस्तान के लाहौर में मौत हो गई। पाकिस्तानी रिपोर्ट के मुताबिक, रिंदा की मौत दवा की ओवरडोज की वजह से हुई। पिछले दिनों से एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। जबकि, सूत्रों के हवाले से दावा, इस बात का भी किया जा रहा है कि रिंदा की मौत बीमारी की वजह से नहीं हुई, बल्कि इसे विदेशी एजेंसियों की मदद से मौत के घाट उतारा गया।क्योंकि, वह भारत की एजेंसियों की हिट लिस्ट पर काफी समय से था। लेकिन, मौत किस वजह से हुई इसके बारे किसी ने भी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।

उधर, रिंदा के प्रतिद्वंद्वी ग्रुप बंबीहा ग्रुप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाल, इस बात का दावा किया रिंदा को उन्होंने मौत के घाट उतारा हैं। क्योंकि, पिछले समय दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या रिंदा के सहयोग से हुई। हत्यारों को हथियार मुहैया कराने में रिंदा ने लारेंस गैंग की मदद की। इसलिए, उन्होंने रिंदा को मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने अब मूसेवाला की मौत का बदला ले लिया।

मौत की यह वजह भी आई सामने

बताया जा रहा है कि रिंदा को किडनी की बीमारी थी। लाहौर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। यहां से उसे मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। सूत्रों के मुताबिक रिंदा को अस्पताल में एक इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई


बंबीहा गैंग का दावा- मूसेवाला की हत्या के पीछे रिंदा
बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि रिंदा को उन्होंने ही पाकिस्तान में सैट कराया था। इसके बाद वह विरोधी गैंग से मिल गया। उसने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में भी गैंगस्टर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ का साथ दिया था। रिंदा खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से भी जुड़ा हुआ था। कहा जाता है कि भारत में BKI का हैंडलर रिंदा ही था। पंजाब में टारगेट किलिंग और आतंक फैलाने के पीछे रिंदा ही था।


नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भागा था
रिंदा पंजाब के तरनतारन का रहने वाला था। बाद में वह नांदेड़ महाराष्ट्र में शिफ्ट हो गया। उसे सितंबर 2011 में कत्ल के केस में उम्रकैद की सजा हुई थी। कई क्रिमिनल केसों में नाम सामने आने के बाद वह नेपाल के रास्ते फेक पासपोर्ट पर पाकिस्तान भाग गया। वहां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) ने उसे अपना गुर्गा बना लिया। वह पाकिस्तान से पंजाब में लगे इंटरनेशनल बॉर्डर के जरिए ड्रोन से हथियार भेजने लगा। पंजाब में हाल ही में हुई कई बड़ी वारदातों में उसका नाम सामने आया था।

नार्को टेरेरिज्म की शुरुआत की
भारत से 5 साल पहले नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भागे आतंकी हरविंदर रिंदा ने ही बॉर्डर पार से इंडिया में नार्को टेरेरिज्म की शुरुआत की। इसमें उसका साथ दिया पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसआई) ने। रिंदा का जन्म पंजाब के सरहदी जिले तरनतारन में ही हुआ था इसलिए उसे इस पूरे इलाके की अच्छी जानकारी थी। क्राइम की दुनिया से जुड़े रहे रिंदा ने बॉर्डर से लगते एरिया में अलग-अलग मॉड्यूल खड़े किए और उनके जरिये सरहद पार से ड्रोन के जरिये हथियारों और ड्रग की सप्लाई शुरू की। 

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