एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
ग्यासपुरा में सीवरेज गैस लीक प्रकरण मामले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में हादसे का कारण सीवरेज में केमिकल युक्त गंदा पानी छोड़ा जाना बताया गया है। इस हादसे में एक परिवार के पांच सदस्यों समेत कुल 11 लोगों की मौत हो गई थी।
केमिकल युक्त गंदा पानी डालने से हुई थी गैस लीक
ग्यासपुरा गैस लीक हादसे की जांच जिला प्रशासन, पीपीसीबी, पुलिस एसआईटी के अलावा एनजीटी ने शुरू की थी। एनजीटी ने 30 मई तक घटना की जांच रिपोर्ट देने को कहा था। फिलहाल एनजीटी के फैक्ट फाइडिंग कमेटी ने अपनी अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है। इस रिपोर्ट में हादसे की वजह सीवरेज में केमिकल युक्त गंदे पानी के छोड़ा जाना बताया गया है। लेकिन सीवरेज में कहां से केमिकल डाला गया, किस किस फैक्टरी ये केमिकल का पानी सीवरेज में डाल गया? कौन कौन जिम्मेदार है, इसकी जानकारी नहीं मिली है। जबकि जिला प्रशासन और पीपीसीबी और पुलिस एसआईटी की जांच चल रही है।
मजिस्ट्रियल जांच का काम लटका
दूसरी ओर जिला प्रशासन की मजिस्ट्रियल जांच का काम अटक गया है। चूंकि कमेटी की जांच चल रही थी। इसी बीच जांच में शामिल एसडीएम का तबादला कर दिया गया। उनकी जगह अब नए एसडीएम डा. हरजिंदर सिंह को लगाया गया है। वह मामले की दोबारा से जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
चारों रीजन के एक्सईएन भी बदले
इसके अलावा पीपीसीबी ने भी दो दिन पहले लुधियाना के चारों रीजन के एक्सईएन के तबादले कर दिए। अब जांच पर सवाल उठने लगे हैं कि हादसे के समय तैनात अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं तो जांच कैसे सही दिशा में आगे बढ़ पाएगी। फिलहाल सबकी निगाहें एनजीटी की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट में लग गई है।

