एसएनई नेटवर्क.संगरुर।
दिल का दौरा पड़ने से शुक्रवार की देर सायं एक किसान की मृत्यु हो गई। मृत्यु संगरूर में स्थित मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के सामने किसानों का पक्का मोर्चा की बीच हुई। पिछले,13 दिन से यहां पर किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उधर, मोर्चा में शामिल किसानों ने किसान की मौत के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। बताया जा रहा है कि मृतक किसान करनैल सिंह पास के गांव अकोई साहिब का रहने वाला था जबकि, वह कई दिन से पक्के मोर्चे में शामिल था।
2 मिनट का रखा गया मौन
स्टेज की शुरुआत पंडाल में खड़े होकर दो मिनट का मौन रख की गई। इस दौरान मृतक किसान को श्रद्धांजलि भेंट की गई। बता दें कि इससे पहले मोर्चे में शामिल एक किसान की सांप के काटने से मौत हो चुकी है। किसान यूनियन के प्रदेश प्रेस सचिव जगतार सिंह कालाझाड़ ने मौत के लिए मान सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
किसानों का आरोप–मुआवजे को लेकर सीएम ने साधी चुप्पी
उन्होंने आरोप लगाया कि याद पत्र की मांगों समेत छह दिन पहले शहीद किसान के वारिसों को मुआवजे के संबंध में मुख्यमंत्री ने चुप्पी साध ली है। किसानों ने मांग पत्र में पंजाब के हिस्से में आने वाले नदियों के पानी के इस्तेमाल के बारे में रोडमैप तैयार इसे किसानों को देने की मांग की। इसके नाममात्र इस्तेमाल के बारे में 27 जुलाई को लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट के विवरण सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
यह भी रखी गई है मांग
वहीं फिरोजपुर के जीरा के नजदीक प्रदूषण का गढ़ बनी शराब फैक्ट्री का प्रदूषण रोकने के बारे में जत्थेबंदी के साथ बनी सहमति के मुताबिक इस फैक्ट्री को तुरंत बंद करने की अपील की। पेयजल की आपूर्ति के निजीकरण के बारे में पंजाब की पहली सरकार की ओर से विश्व बैंक के साथ समझौते रद्द करने समेत अन्य मांगों को पूरा करने की किसानों ने मांग की। सांकेतिक तस्वीर

